Chamoli Launches Bear Control Plan : चमोली जिले में भालू की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए जिला पंचायत ने एक अहम कदम उठाया है। जहां ग्रामीण क्षेत्रों में डेंजर नामक दवा का वितरण किया जा रहा है, जिसे गांवों की सीमाओं और पैदल मार्गों पर छिड़काव के जरिए इस्तेमाल किया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि दवा की तेज गंध भालुओं को आबादी वाले इलाकों से दूर रखने में मदद करेगी।
आपको बता दें, उत्तराखंड में भालू के हमलों से हालात गंभीर बने हुए हैं। बदरीनाथ और केदारनाथ वन क्षेत्र में अब तक चार लोगों की जान जा चुकी है, जबकि करीब दो दर्जन लोग घायल हुए हैं। भालुओं के हमलों में बड़ी संख्या में मवेशी भी मारे गए हैं। इन घटनाओं के चलते ग्रामीणों में डर का माहौल बना हुआ है।
बता दें, पहले चरण में नंदानगर विकासखंड की 10 ग्राम पंचायतों में दवा और छिड़काव मशीनें उपलब्ध कराई गई हैं। दवा तरल और दानेदार दोनों स्वरूपों में है। इसके लिए कुल 60 स्प्रे मशीनें खरीदी गई हैं। जिला पंचायत का कहना है कि यदि इस पायलट योजना के सकारात्मक परिणाम सामने आते हैं तो इसे जिले के अन्य गांवों में भी लागू किया जाएगा।
विकास भवन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्य विकास अधिकारी डॉ. अभिषेक त्रिपाठी ने ग्रामीणों को दवा के पैकेट सौंपे। उन्होंने बताया कि जंगली जानवरों की समस्या से जूझ रहे क्षेत्रों में यह पहल उपयोगी साबित हो सकती है। साथ ही ग्रामीणों को दवा के सही इस्तेमाल के बारे में जागरूक करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
