जिला ग्राम प्रधान संगठन ने 10 सूत्रीय मांगों को लेकर विकास भवन में किया प्रदर्शन…

Gram Pradhan Association held protest : उत्तराखंड के जिला ग्राम प्रधान संगठन ने प्रदेश सरकार से अपनी 10 सूत्रीय मांगों का शीघ्र निराकरण करने की मांग कर जोरदार प्रदर्शन किया। संगठन से जुड़े ग्राम प्रधानों ने मंगलवार यानी 22 सितंबर को अपनी मांगों को लेकर देहरादून, टिहरी, पौड़ी, उत्तरकाशी और बागेश्वर सहित राज्य के विभिन्न जिलों में विकास भवन और मुख्य विकास अधिकारी (CDO) कार्यालयों का घेराव किया।

प्रधानों का कहना है कि उन्हें भी विधायकों और सांसदों की तरह निधि आवंटित आवंटित की जाए। संगठन ने चेतावनी दी है कि मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो उन्हें फिर से बड़ा आंदोलन करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।

जिला ग्राम प्रधान संगठन (Gram Pradhan Association) अपनी इन 10 सूत्रीय मांगों को लेकर किया प्रदर्शन। जिसमें मुख्य तौर पर शामिल है।

  • प्रधानों का न्यूनतम मासिक मानदेय बढ़ाकर ₹20,000 किया जाए। इसके साथ ही खुली बैठक में भाग लेने वाले वार्ड सदस्यों को भी मानदेय देने की मांग की गई है।
  • सांसदों और विधायकों की तर्ज पर ग्राम प्रधानों को भी अलग से बजट/निधि आवंटित की जाए।
  • MANREGA (VB-G RAM G) में श्रमिकों की ऑनलाइन उपस्थिति की बाध्यता खत्म कर ऑफलाइन व्यवस्था लागू हो। साथ ही अकुशल श्रमिकों की दैनिक मजदूरी ₹600 और कुशल श्रमिकों की मजदूरी ₹800 की जाए।
  • पंचायती राज एक्ट के तहत आने वाले सभी 29 विभागों को पूरी तरह ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित किया जाए ताकि स्थानीय स्तर पर विकास कार्य तेजी से हो सकें।
  • ₹10 लाख तक के सभी विकास कार्यों की कार्यदायी संस्था खुद ग्राम पंचायत को बनाया जाए।
  • ग्राम पंचायतों को मिलने वाली राज्य व केंद्रीय वित्त की धनराशि जनसंख्या और भौगोलिक क्षेत्रफल के आधार पर बढ़ाई जाए।
  • ग्रामीण स्तर पर बढ़ते जोखिमों को देखते हुए सभी ग्राम प्रधानों का स्वास्थ्य और जीवन बीमा कराया जाए। इसके साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना की प्राथमिकता सूची में पात्र लाभार्थियों के नाम शामिल करने की मांग भी की गई है।

संगठन ने ग्राम पंचायतों पर प्रस्तावित टैक्स संबंधी व्यवस्था में संशोधन की मांग भी सरकार के सामने रखी है। संगठन का कहना है कि इन मांगों को लेकर लंबे समय से सरकार को ज्ञापन दिए जा रहे हैं, लेकिन अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो ग्राम प्रधान आंदोलन को तेज करने के लिए मजबूर होंगे।

बता दे प्रदर्शनकारियों और संगठन के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने इन मांगों पर जल्द ही कोई सकारात्मक और ठोस निर्णय नहीं लिया, तो वे पूरे प्रदेश स्तर पर एक बड़ा और उग्र आंदोलन शुरू करने के लिए मजबूर होंगे।

Srishti
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