Chhatron Ki Goonj : भारी बारिश में भी दिखा उत्साह, राहुल गांधी ने युवाओं से किया संवाद..

In Chhatron Ki Goonj Rahul Gandhi Interacts with Youth : प्रदेश की राजधानी देहरादून में बीते शुक्रवार को बन्नू मैदान में कांग्रेस द्वारा ‘छात्रों की गूंज कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शिरकत कर छात्रों से संवाद किया। इस कार्यक्रम में उत्तराखंड में पढ़ने वाले छात्रों से लेकर राजस्थान, बिहार महाराष्ट्र, हरियाणा और उत्तर प्रदेश तक के छात्रों की भी मौजूदगी रही।

मौसम खराब होने के बावजूद भी कार्यकर्ताओं और छात्रों में राहुल गांधी के संवाद कार्यक्रम को लेकर काफी उत्साह देखने को मिला। ‘छात्रों के गूंज’ कार्यक्रम में राहुल गांधी के पहुंचने से पहले भारी संख्या में भीड़ देखने को मिली वहीं कार्यक्रम में दूर दराज से भी छात्र शामिल होने आए।

छात्रों की गूंज कार्यक्रम में राहुल गांधी ने छात्रों के साथ संवाद किया। राहुल गांधी ने सबसे पहले उत्तराखंड के युवाओं को धन्यवाद किया। उन्होंने कहा भारी बारिश के बीच भी यहां के युवाओं में जोश है, और उन्होंने कहा युवा देश की पहचान है। राहुल गांधी ने “छात्रों की गूंज” कार्यक्रम के जरिए शिक्षा रोजगार भर्ती परीक्षा में अनियमितताओं और युवाओं की समस्याओं को लेकर छात्रों से संवाद किया। जिसे लेकर युवाओं में खास उत्सव देखा गया, कार्यक्रम में पहुंची भीड़ को देखकर कांग्रेस नेता भी खुश हो गए।

राहुल गांधी के संबोधन के मुख्य बिंदु यह रहे

  1. देश के करोड़ों युवा प्रतियोगी परीक्षाओं को पास करने के लिए अपने सामान्य सामाजिक जिंदगी और खुशियों से डर बना करके इंसानों तक लगातार कड़ी मेहनत करते हैं।
  2. छात्र परीक्षाओं की तैयारी के लिए दिन रात एक कर देते हैं और रोजाना 8 से 10 घंटे तक पढ़ाई करते हैं जिसमें उनका पूरा परिवार हर कदम पर उनके साथ देता है।
  3. बच्चों की पढ़ाई और कोचिंग का भारी खर्च उठाने के लिए देश के कई परिवारों को अपनी क्षमता से बाहर जाकर दूसरों से कर्ज तक लेना पड़ता है।
  4. आर्थिक तंगी और पैसों की भारी कमी के कारण आज भी बहुत से गरीब और मध्यवर्गीय परिवार जाकर भी अपने सभी बच्चों को उच्च शिक्षा दिलाने में असमर्थ है।

राहुल गांधी ने कहा एक युवा अकेले तैयारी नहीं करता उसके साथ उसका पूरा परिवार तैयारी करता है उन्होंने कहा मिडिल क्लास के लिए सरकारी नौकरी मायने रखती है ऐसे में अगर पेपर लीक हो जाए तो परिवार की कमर टूट जाती है लाल गांधी ने कहा हिंदुस्तान में मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर बिल्कुल बंद है, एंटरप्रेन्योर हमारे देश में है, कॉर्पोरेट नौकरियां भी काम है। इसके साथ ही दूसरी नौकरी भी आसानी से नहीं मिलती है इसलिए युवाओं के साथ में केवल सरकारी नौकरी का रास्ता रह जाता है।

Srishti
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