J&K विधानसभा का सत्र हंगामे के बीच शुरू: नौकरियों और आरक्षण नीति को लेकर विपक्ष ने सदन में किया हंगामा..

J&K Assembly Session Opens Amid Uproar : जम्मू-कश्मीर विधानसभा का सोमवार को श्रीनगर में शरद कालीन सत्र भारी हंगामे और विरोध प्रदर्शनों के साथ शुरू हुआ है। बता दे सात दिवसीय यह सत्र 21 सितंबर से 30 सितंबर 2026 तक चलेगा, जिसमें कुल सात बैठकें होनी तय हुई हैं। वहीं विपक्ष और स्थानीय दलों ने राज्य में आरक्षण नीति, नौकरियों की कमी, बिजली बिलों में बढ़ोतरी और दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों के नियमितीकरण जैसे मुद्दों को लेकर उमर अब्दुल्ला सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

विधानसभा सत्र की कार्यवाही शुरू होते ही भाजपा विधायकों ने नौकरियों की आउटसोर्सिंग, नेशनल हेल्थ मिशन (NHM) कर्मचारियों की सुरक्षा और बिजली दरों में हुई बढ़ोतरी के खिलाफ सदन के बीचों-बीच (वेल) आकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की, जिसके कारण स्पीकर अब्दुल रहीम राथर को सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी।

J&K की पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी ने निकाला बड़ा मार्च

वहीं दूसरी ओर श्रीनगर (J&K) की सड़कों पर पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) ने भी एक बड़ा मार्च निकाला है। PDP नेता इल्तिजा मुफ्ती के नेतृत्व में युवाओं और प्रदर्शनकारियों ने वर्तमान आरक्षण नीति को ‘अन्यायपूर्ण’ करार दिया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि मौजूदा कोटे के कारण सामान्य वर्ग (Open Merit) के छात्रों के लिए केवल 30% सीटें बची हैं, जबकि 70% सीटें आरक्षित श्रेणियों को दे दी गई हैं। PDP ने मांग की है कि आरक्षण नीति की समीक्षा के लिए गठित कैबिनेट सब-कमेटी की गोपनीय रिपोर्ट को तुरंत सार्वजनिक किया जाए। इसके साथ ही, सरकारी परीक्षाओं में आयु सीमा को 38 से घटाकर 32 वर्ष करने के फैसले पर भी युवाओं में भारी आक्रोश देखा गया।

पीपुल्स कॉन्फ्रेंस के प्रमुख सज्जाद लोन ने भी वर्तमान भर्ती प्रक्रिया पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सरकार पर कश्मीर घाटी के युवाओं को जानबूझकर नौकरियों से दूर रखने का आरोप लगाते हुए इसे “भर्ती रंगभेद” (Recruitment Apartheid) का नाम दिया। विपक्षी दलों का कहना है कि सरकार युवाओं को रोजगार देने के अपने चुनावी वादों से पीछे भाग रही है। न्होंने बताया कि 56% आबादी वाले कश्मीर क्षेत्र के मुकाबले हालिया भर्तियों में बहुत कम चयन हुआ है और इसे लेकर वे सदन में आवाज उठा रहे हैं।

वहीं चौतरफा हमलों के बीच उमर अब्दुल्ला सरकार ने अपनी सफाई पेश की है।(J&K) सरकार के प्रवक्ताओं और मंत्रियों का कहना है कि सरकार को सत्ता संभाले अभी महज एक महीना ही हुआ है। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सभी मंत्रियों को बेरोजगारी से निपटने के लिए कड़े निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही, विभिन्न विभागों में खाली पड़े पदों को जल्द से जल्द लोक सेवा आयोग (PSC) और सेवा चयन बोर्ड (SSB) को भेजने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। सरकार ने भरोसा दिलाया है कि अगले दो महीनों में जमीन पर बड़े बदलाव और नौकरियां देखने को मिलेंगी।

Srishti
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