‘Vande Mataram’ पर कर्नाटक सरकार का रुख साफ, सरकारी कार्यक्रमों में सिर्फ दो पद होंगे…

Karnataka government’s stand on ‘Vande Mataram’ is clear: कर्नाटक सरकार ने सरकारी कार्यक्रमों में राष्ट्रगीत ‘Vande Mataram’ के गायन को लेकर अपना रुख स्पष्ट कर दिया है। राज्य सरकार के आधिकारिक कार्यक्रमों और समारोहों में ‘वंदे मातरम्’ के केवल पहले 2 पद गाए या बजाए जाएंगे। यह फैसला कांग्रेस के उस रुख के अनुरूप है, जिसमें पार्टी ने अपने कार्यक्रमों में गीत के शुरुआती दो पदों के गायन की बात कही है। 

यह मुद्दा अगस्त में उस समय चर्चा में आया था, जब कर्नाटक के एक स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में ‘वंदे मातरम्’ के सभी 6 पद गाए गए थे। उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने तब कहा था कि पूरे गीत का गायन उनकी जानकारी के बिना हुआ था और भविष्य में सरकारी तथा सार्वजनिक कार्यक्रमों में कांग्रेस के तय रुख के अनुसार केवल पहले 2 पद ही गाए जाएंगे। 

दरअसल, कांग्रेस कार्यसमिति ने अगस्त 2026 में 1937 के अपने पुराने फैसले का हवाला देते हुए पार्टी और राष्ट्रीय कार्यक्रमों में ‘वंदे मातरम्’ के केवल पहले 2 पद गाने की नीति दोहराई थी। कांग्रेस का तर्क है कि शुरुआती दो पदों को लेकर ऐतिहासिक रूप से सहमति रही है। दूसरी ओर, भाजपा ने कांग्रेस के इस रुख का विरोध किया है और ‘वंदे मातरम्’ के पूरे स्वरूप तथा उसकी ऐतिहासिक विरासत के सम्मान की बात कही है। 

कर्नाटक सरकार का यह फैसला ऐसे समय आया है, जब ‘वंदे मातरम्’ के पूरे 6 पदों बनाम शुरुआती 2 पदों के गायन को लेकर देश में राजनीतिक बहस तेज है। इसलिए राज्य सरकार का यह रुख आने वाले दिनों में कर्नाटक की राजनीति में भी चर्चा का विषय बन सकता है। हालांकि, रिपोर्ट के अनुसार सरकार ने सभी सरकारी कार्यक्रमों में ‘वंदे मातरम्’ को शामिल करने की बात कही है, लेकिन उसके गायन/वादन के लिए केवल 2 पद निर्धारित किए हैं।

Srishti
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