PM constituted FastTrack Court : हाल ही में NEET पेपर लीक विवाद और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के विरोध को लेकर युवाओं ने CJP के साथ मिलकर आंदोलन किया। जिसमें सोनम वांगचुक पिछले 26 दिनों से भूख हड़ताल पर है यह अनशन उन्होंने 28 जून को नई दिल्ली के जंतर मंतर में किया था। जिसके चलते लगातार गिरते स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए, 18 जुलाई को दिल्ली पुलिस उन्हें जबरदस्ती मेदांत अस्पताल में भर्ती करवाने ले गई। जिसपर आंदोलन में इकट्ठा हुए युवाओं ने आक्रोश जताया। और 20 जुलाई को आंदोलन उग्र हो गया और हजारों की संख्या में छात्रों ने संसद की ओर मार्च किया। जिस दौरान पुलिस के साथ की नोक झोक के बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियो को रोकने के लिए लाठी चार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया। जिससे कई छात्र घायल हुए और कई छात्रों को पुलिस ने हिरासत में लिया।
Fast Track कोर्ट का किया गठन
आंदोलन के कई दिनों बाद अब केंद्र सरकार बैक फुट पर आती दिख रही है। जिसपर विपक्ष लगातार मोदी सरकार पर दबाव बना रही है और वही इस मुद्दे पर पीएम मोदी ने आज यानि 23 जुलाई गुरुवार को बड़ा फैसला लिया है।
जानकारी के अनुसार पीएम मोदी ने ऐलान किया, कि NEET लीक पेपर केस का Fast Track कोर्ट में जाएगा। जिसका मकसद पेपर लेकर आरोपियों को जल्द से जल्द सजा दिलाना होगा। साथ ही पीएम मोदी ने संबंधित अधिकारियों को तुरंत काम शुरू करने के आदेश भी दे दिए हैं। इस फैसिलिटी से पहले मंगलवार को एनडीए की मंगल मिलन बैठक के दौरान पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि देश के युवा का भविष्य हमारी सरकार की प्राथमिकता है। और इस मामले के लिए जो भी फैसला लेने होंगे वह ले लिए जाएंगे और किसी भी छात्र का नुकसान नहीं होगा।
PM मोदी का बड़ा ऐलान
मोदी ने सोशल मीडिया एक्स पर पाेस्ट करते हुए लिखा कि हमारे युवाओं की भलाई और भविष्य से ज्यादा जरूरी कुछ नहीं है। हमने पेपर लीक में शामिल लोगों को जल्दी कड़ी सजा दिलाने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने का फैसला किया है। संबंधित अधिकारियों और अधिकारियों को इस बारे में सभी जरूरी कदम उठाने का निर्देश दिया है। यह छात्रों के हितों की रक्षा के लिए हमारे कदमों का सिलसिला जारी रखता है जो लोग हमारे युवाओं की भविष्य को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करेंगे उन्हें बक्शा नहीं जाएगा।
साथ ही चेतावनी देते हुए उन्होंने देश के युवाओं का भविष्य सुरक्षित करना सरकार की जिम्मेदारी बताई है,और वह इससे पीछे नहीं हटेंगे। इसके साथ-साथ जिन लोगों ने यह हिमाकत की है उन्हें कठोर से कठोर सजा हर हाल में मिलेगी। प्रधानमंत्री ने यह फैसला छात्रों के लिए राहत भरा बताया क्योंकि देश के लाखों छात्र हर साल नीट परीक्षा में शामिल होते हैं।
