STF probe begins, action taken against 12 people: कोलकाता के उत्तर हिस्से में स्थित चोरबागान सार्वजनिक दुर्गा पूजा पंडाल में शनिवार, 17 अक्टूबर 2026 की शाम भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई। महा सप्तमी के अवसर पर पंडाल में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे। रिपोर्टों के मुताबिक, बारिश के बीच अचानक भीड़ का दबाव बढ़ने से अफरा-तफरी मच गई और कई लोग गिर पड़े। इस हादसे में पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के अनुसार 19 लोगों की मौत हुई, जबकि कई अन्य घायल हो गए। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।
घटना के बाद कोलकाता पुलिस ने पूजा आयोजकों, स्वयंसेवकों और अन्य संबंधित लोगों समेत 12 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) गठित करने की घोषणा की, जिसमें STF, CID और अन्य विभागों के अधिकारी शामिल होंगे। पुलिस ने घटनास्थल के CCTV फुटेज भी जुटाए हैं, ताकि भीड़ नियंत्रण, सुरक्षा व्यवस्था और ड्यूटी में संभावित लापरवाही की जांच की जा सके। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि जांच में जो भी जिम्मेदार पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
हादसे के बाद प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा भी शुरू कर दी है रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस भीड़ के अचानक बढ़ने, प्रवेश और निकास मार्गों की स्थिति तथा सुरक्षा प्रबंधों में संभावित खामियों की जांच कर रही है। राज्य सरकार ने मृतकों के परिजनों को 25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की घोषणा की है। घायलों को पांच लाख रुपये की सहायता देने और उनके इलाज का खर्च उठाने की भी बात कही गई है। हालांकि, जांच पूरी होने के बाद ही हादसे के वास्तविक कारणों और जिम्मेदारी तय हो सकेगी।
