Digital युग में झारखंड हाईकोर्ट की बड़ी छलांग, CJI सूर्यकांत ने किया डेटा सेंटर का उद्घाटन…

the Digital era, CJI Surya Kant inaugurates data centre: झारखंड की न्यायिक व्यवस्था को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की दिशा में एक बड़ी पहल की गई है। भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने 2 नवंबर को रांची के धुर्वा स्थित झारखंड हाईकोर्ट परिसर में करीब 35 करोड़ रुपये की लागत से तैयार अत्याधुनिक डेटा सेंटर का उद्घाटन किया। इस पहल से झारखंड हाईकोर्ट के साथ-साथ राज्य की अधीनस्थ अदालतों के Digital कामकाज को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है। इस दौरान सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति एस. चंद्रशेखर और न्यायमूर्ति अपरेश कुमार सिंह समेत कई न्यायिक अधिकारी मौजूद रहे।

इस अत्याधुनिक डेटा सेंटर में हाई-परफॉर्मेंस GPU सर्वर, केंद्रीकृत डेटा स्टोरेज, बैकअप सिस्टम, उन्नत नेटवर्क सुरक्षा, अग्निशमन व्यवस्था और निर्बाध बिजली आपूर्ति जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इसके जरिए केस इंफॉर्मेशन सिस्टम (CIS), डॉक्यूमेंट मैनेजमेंट सिस्टम (DMS), इलेक्ट्रॉनिक न्यायिक रिकॉर्ड और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग जैसी सेवाओं का बेहतर संचालन किया जा सकेगा। इससे अदालतों के महत्वपूर्ण दस्तावेजों को सुरक्षित रखने और न्यायिक सूचनाओं तक तेज व सुरक्षित पहुंच सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।

डेटा सेंटर के उद्घाटन के साथ ही हाईकोर्ट ने छह नई Digital सुविधाओं की भी शुरुआत की है। इनमें नई आधिकारिक वेबसाइट, हाईकोर्ट और जिला अदालतों के लिए iOS मोबाइल ऐप, ऑनलाइन प्रमाणित प्रति (Certified Copy) के लिए आवेदन की सुविधा, अधिवक्ताओं के लिए पर्सनलाइज्ड कॉज लिस्ट, न्यायिक अधिकारियों के लिए ड्रैगन स्पीच-टू-टेक्स्ट सॉफ्टवेयर और ‘सुप्रीम टुडे AI’ सॉफ्टवेयर शामिल हैं। इन सुविधाओं के जरिए वकील और आम लोग मुकदमों की स्थिति, सुनवाई की तारीख, दैनिक आदेश और फैसलों की जानकारी ऑनलाइन प्राप्त कर सकेंगे। वहीं, प्रमाणित प्रतियों के लिए ऑनलाइन आवेदन की सुविधा से अदालतों के बार-बार चक्कर लगाने की जरूरत भी कम होगी।

उद्घाटन समारोह में CJI सूर्यकांत ने न्यायिक व्यवस्था में तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि तकनीक का इस्तेमाल न्यायिक प्रक्रिया को अधिक सुलभ, प्रभावी और पारदर्शी बनाने के लिए होना चाहिए, लेकिन इसे न्यायाधीशों के विवेक और मानवीय निर्णय का विकल्प नहीं बनाया जा सकता। उन्होंने साइबर सुरक्षा, न्यायिक रिकॉर्ड की गोपनीयता और Digital सुविधाओं से वंचित लोगों की जरूरतों का भी ध्यान रखने की बात कही। इस पहल को झारखंड में डिजिटल न्याय व्यवस्था को मजबूत करने और आम नागरिकों तक न्यायिक सेवाओं की पहुंच आसान बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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Aarti Rawat
Aarti Rawat