बर्मिंघम में गूंजे उत्तराखंड के ढोल-दमाऊं, डॉ. प्रीतम भरतवाण ने अपनी टीम के साथ बांधा समां…

Uttarakhand’s drums resonated in Birmingham: उत्तराखंड की लोकसंस्कृति, परंपराओं और संगीत की गूंज सात समंदर पार यूनाइटेड किंगडम के बर्मिंघम में सुनाई दी। शिल्पा प्रोडक्शन और उत्तराखंड वेलफेयर ऑर्गेनाइजेशन के संयुक्त तत्वावधान में 26 अक्टूबर को आयोजित भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम में उत्तराखंड के प्रसिद्ध जागर सम्राट डॉ. प्रीतम भरतवाण ने अपने ढोल-दमाऊं की थाप से ऐसा समां बांधा कि पूरा आयोजन स्थल उत्तराखंड की संस्कृति के रंग में रंग गया।

इस भव्य आयोजन में 800 से अधिक उत्तराखंडी प्रवासियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। डॉ. प्रीतम भरतवाण अपनी टीम के साथ बर्मिंघम पहुंचे थे। उनकी टीम में अंजली खरे, सुरेंद्र, योगेंद्र और विवेक नौटियाल शामिल रहे। सभी कलाकारों ने अपनी शानदार प्रस्तुतियों से दर्शकों का दिल जीत लिया।

कार्यक्रम में अंजली खरे और विवेक नौटियाल की सुरीली गायकी ने दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। वहीं, डॉ. प्रीतम भरतवाण के छोटे भाई सुरतम भरतवाण ने भी अपनी गायकी से पूरे कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए। उनके गीतों पर मौजूद प्रवासी उत्तराखंडी जमकर थिरके और अपनी संस्कृति से जुड़ाव महसूस किया।

इस आयोजन को लेकर शिल्पा प्रोडक्शन की डायरेक्टर शिल्पा ने कहा कि उनका उद्देश्य विदेशों में उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को जीवित रखना और आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना है।

उन्होंने कहा, “हमारा प्रयास है कि यूके में हर वर्ष इस तरह के भव्य उत्तराखंडी सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। यहां रहने वाले प्रवासी उत्तराखंडियों के साथ-साथ नई पीढ़ी को भी अपनी जड़ों, लोकगीतों, लोकनृत्यों, रीति-रिवाजों और परंपराओं से जोड़ना बेहद जरूरी है। हम चाहते हैं कि विदेश में जन्मी और पली-बढ़ी नई पीढ़ी भी उत्तराखंड की संस्कृति को पहचाने, समझे और उस पर गर्व करे।”

बर्मिंघम में आयोजित इस कार्यक्रम ने न केवल प्रवासी उत्तराखंडियों को अपनी मिट्टी और संस्कृति से जुड़ने का अवसर दिया, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर उत्तराखंड की लोककला और परंपराओं की खूबसूरत झलक भी पेश की।विदेश की धरती पर गूंजे ढोल-दमाऊं और जागरों की थाप ने यह संदेश दिया कि उत्तराखंड की संस्कृति केवल पहाड़ों तक सीमित नहीं, बल्कि दुनिया के हर कोने में अपनी पहचान और विरासत के साथ जीवित है।

Aarti Rawat
Aarti Rawat