UTU paper leak, questions shared on WhatsApp : जंतर मंतर में चल रहे नीट पेपर लीक आंदोलन के बीच उत्तराखंड से एक बार फिर पेपर लीक होने की खबर सामने आ रही है। बता वीर माधव सिंह भंडारी उत्तराखंड प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय से पेपर लीक का मामला सामने आया है। जिसने एक बार फिर एजुकेशन सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए है।
परीक्षा से ठीक पहले पेपर लीक ने प्रसाशन की नींद उड़ा दी है, बताया जा रहा है कि एक प्रोफेसर की लापरवाही या मिलीभगत से WhatsApp पर सवाल शेयर किए गए जिससे दो अहम परीक्षाएं रद्द करवा दी गई हैं। जिसके चलते अब गुस्से में उबले छात्र संगठन NSUI ने आर-पार की लड़ाई का ऐलान करते हुए मोर्चा खोल दिया है।
वीर माधव सिंह भंडारी उत्तराखंड प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय की जांच में पाया गया की मशीन लर्निंग फॉर इंटरनेट ऑफ थिंग्स (10TT004) विषय का बाहर से पेपर बनने वाले शिवालिक कॉलेज आफ इंजीनियरिंग के सहायक प्रोफेसर आशीष कुमार गुप्ता ने परीक्षा से पहले छात्रों के व्हाट्सएप और इंटरनल पोर्टल पर प्रश्न शेयर किए थे। वहीं जांच के दौरान इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फील्ड थिअरी (ECT043) विषय के प्रश्न पत्र में भी गोपनीय भंग होने की आशंका सामने आई है। जिसके चलते विश्वविद्यालय ने दोनों विषयों की परीक्षाएं तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी है।
UTU द्वारा पुनर्परीक्षा आयोजित की जाएगी
विश्वविद्यालय द्वारा इनकी पुनर्परीक्षा अगस्त 2026 के तीसरे सप्ताह में आयोजित की जाएगी। इसके साथ ही पेपर लीक मामले में लिप्त आशीष कुमार गुप्ता को विश्वविद्यालय के सभी परीक्षा संबंधी कार्यों से 7 साल के लिए प्रतिबंधित कर दिया गया है। इसके साथ ही विश्वविद्यालय ने शिवालिक कॉलेज ऑफ़ इंजीनियरिंग को भी परीक्षा प्रणाली में निगरानी की कमी को लेकर कड़ी चेतावनी जारी की है।
उधर, अब मामले को लेकर भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI )ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। NSUI ने पेपर लीक की घटना को छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बताते हुए दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने और निष्पक्ष जांच और छात्रों के हितों की सुरक्षा की मांग की है। बता दे NSUI के कार्यकर्ताओं द्वारा वीर माधव सिंह भंडारी उत्तराखंड प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय परिषद में जमकर विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है।
