Delhi सरकार के लिए चुनौती बनी पानी आपूर्ति, हरियाणा से खरीदा जाएगा पानी


Water supply poses a challenge for Delhi government: देशभर में भीषण गर्मी के चलते दिल्ली वासियों को पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराना सरकार के लिए एक चुनौती बन गई है। बताया जा रहा है कि इसका मुख्य कारण जरूरत से लगभग ढाई सौ मिलियन गैलन प्रतिदिन कम पानी मिलना है। दिल्ली सरकार के अनुसार जल आपूर्ति बढ़ाने के लिए हरियाणा सरकार से बातचीत चल रही है। सीवेज उपचार संयंत्र से उपचारित जल देकर 30 क्यूसेक प्राप्त करने का प्रयास है, साथ ही उत्तर प्रदेश से उपचारित पानी के बदले गंगाजल लेने का प्रयास किया जा रहा है।

दिल्ली में कच्चे पानी का मुख्य स्रोत मुनक नहर

मिली जानकारी के अनुसार कि दिल्ली में लगभग 1250 एनजीटी पानी की जरूरत है। जिसकी तुलना में 9 जल शोध संस्थानों से लगभग 1000 एमजीडी पानी उपलब्ध होता है, जिससे लगभग 50% पानी रिसाव से बर्बाद या चोरी हो जाता है।जो गर्मी के दिनों में परेशानी बढ़ाने का कारण भी है। दिल्ली में कच्चे पानी का मुख्य स्रोत हरियाणा की मुनक नहर है, जो दिल्ली के करीब 60% जल आपूर्ति का हिस्सा है। साथ ही करनाल स्थित मुनक हेडवर्क्स से दिल्ली के हैदरपुर जल शोधन संयंत्र तक लगभग 102 किलोमीटर लंबी नहर के कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त होने के कारण लगभग 30% पानी बर्बाद हो जाता है।

दिल्ली के जल मंत्री प्रवेश कुमार के अनुसार

बता दें यदि इस नहर को ठीक कर दिल्ली को पेयजल के लिए पूरा 330 क्युशेक पानी उपलब्ध कर दिया जाए तो पानी की परेशानी कम हो जाएगी। दिल्ली के जल मंत्री प्रवेश कुमार के अनुसार नहर की मरम्मत और अतिरिक्त पानी के लिए हरियाणा सरकार से बातचीत चल रही है साथ ही हरियाणा से 30 क्यूसेक कच्चा पानी लेने और उसके बदले उन्हें सिंचाई कार्य के लिए उपचारित पानी देने का कार्य भी चल रहा है।

Srishti
Srishti