1-yr PG program to start at DU : दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्रों के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है बताया जा रहा है की दिल्ली विश्वविद्यालय के स्कूल आफ ओपन लर्निंग ने 4 वर्षीय स्नानतक कार्यक्रम (FYUP) पूरा करने वाले छात्रों के लिए ओपन एंड डिस्टेंस लर्निंग मोड में 1 वर्षीय PG कोर्स शुरू करने की घोषणा की है।
शैक्षणिक सत्र 2026-27 से होगा लागू
यह कोर्स शैक्षणिक सत्र 2026-27 से लागू होगा शुरुआत में कॉमर्स, पॉलिटिकल साइंस, हिस्ट्री, हिंदी और संस्कृत विषयों में ही दाखिले होंगे जिस पर विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि यह पहल छात्रों को बिना किसी शैक्षणिक अंतरकाल की उच्च शिक्षा जारी रखने का अवसर देगा।
SOL की निदेशक प्रोफेसर पायल मांगो ने बताया कि 1 वर्षीय मास्टर कार्यक्रम फिलहाल 5 विषयों में शुरू किया जा रहा है। जिसमें केवल वही छात्र प्रवेश के लिए पात्र होंगे जिन्होंने 4 वर्षीय स्नानतक कार्यक्रम पूरा किया है और विश्वविद्यालय की ओर से निर्धारित पात्रता और शर्तें पूरा करते हैं। साथ ही इन पाठ्यक्रमों के लिए ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया जल्द ही शुरू कर दी जाएगी,और दाखिल से जुड़ी विस्तृत जानकारी और शेड्यूल अलग से जारी किया जाएगा।
वहीं उन्होंने बताया कि इस प्रोग्राम का असर मौजूद 2 वर्षीय पोस्ट ग्रेजुएट कार्यक्रमों पर नहीं पड़ेगा दोनों प्रकार की मास्टर कोर्स समानांतर रूप से संचालित किए जाएंगे और एक वर्षीय कोर्स को पत्र छात्रों के लिए अतिरिक्त विकल्प के रूप में शुरू किया गया है।
ओपन एंड डिस्टेंस लर्निंग मोड़ का माध्यम शुरू
University Administration का कहना है कि नियमित कॉलेज में सीमित सीटों के कारण हर वर्ष बड़ी संख्या में छात्र दाखिला नहीं ले पाते हैं ऐसे में ओपन एंड डिस्टेंस लर्निंग मोड़ का माध्यम शुरू किया गया। यह कार्यक्रम छात्रों के लिए बेहतर विकल्प साबित हो सकता है जो अपनी पढ़ाई जारी रखना चाहते हैं। स्कूल का ओपन लर्निंग के अनुसार इस पहल का लाभ नियमित और ओपन एंड डिस्टेंस लर्निंग दोनों माध्यमों के छात्रों को मिलेगा जिससे योग्य छात्र बिना किसी शैक्षणिक ब्रेक के मास्टर डिग्री पूरी कर सकेंगे।
1 वर्षीय PG कोर्स के साथ-साथ स्कूल आफ ओपन लर्निंग में NEP 2020 के अनुरूप स्नातक स्तर पर डाटा एनालिटिक्स को माइनर इलेक्टिव विषय के रूप में शुरू किया है। यह विषय बीबीए, बीएमएस, बीए (ऑनर्स) इकोनॉमिक्स और बी.कॉम (ऑनर्स) के छात्रों के लिए होगा। जिसका उद्देश्य छात्रों को अपने मुख्य विषय के साथ नई तकनीकी और विश्लेषणात्मक क्षमताएं विकसित करने का अवसर देना है।
