उत्तराखंड की सियासत में बड़ा बदलाव, श्रीनगर की मेयर आरती भंडारी समेत 10 पार्षद BJP में शामिल

10 councilors, including Srinagar Mayor Aarti Bhandari, join the BJP: उत्तराखंड की राजनीति में बुधवार को एक बड़ा सियासी घटनाक्रम सामने आया। श्रीनगर गढ़वाल नगर निगम की मेयर आरती भंडारी ने 10 पार्षदों के साथ देहरादून स्थित भाजपा कार्यालय में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सदस्यता ग्रहण की। उनके साथ उनके पति लखपत भंडारी ने भी पार्टी का दामन थामा। लखपत भंडारी पूर्व में जिला पंचायत सदस्य रह चुके हैं। सदस्यता ग्रहण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, श्रीनगर विधायक और कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत तथा पौड़ी जिला अध्यक्ष कमल किशोर रावत समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। इस घटनाक्रम को श्रीनगर नगर निगम की राजनीति में महत्वपूर्ण बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है।

10 पार्षद भी भाजपा में शामिल

स्थानीय रिपोर्ट के अनुसार, आरती भंडारी के साथ विजय चमोली, मीना भारती, सोनू, भावना चौहान, अंजली भंडारी, आशीष नेगी, अनुराग चौहान, राजकुमार, नरेंद्र रावत, धर्म सिंह रावत, धर्म सिंह रावत और प्रवेश चमोली के नाम सदस्यता लेने वालों में बताए गए हैं। रिपोर्ट में कुल 10 पार्षदों के भाजपा में शामिल होने की बात कही गई है और इनमें राजकुमार तथा अनुराग चौहान को कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आने वाला बताया गया है।

कौन हैं आरती भंडारी?

आरती भंडारी ने 2025 के श्रीनगर नगर निगम चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर मेयर पद का चुनाव जीता था। वह श्रीनगर नगर निगम की पहली मेयर बनी थीं। चुनाव में उन्होंने भाजपा और कांग्रेस के उम्मीदवारों को पीछे छोड़ते हुए जीत दर्ज की थी।

चुनाव परिणामों के अनुसार, आरती भंडारी को 7,956 वोट मिले थे, जबकि उनकी निकटतम प्रतिद्वंद्वी को 6,317 वोट मिले। उनकी जीत का अंतर 1,639 वोट रहा।

श्रीनगर नगर निगम में कुल 40 वार्ड हैं। 2025 के चुनाव में 18 वार्डों में निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीत हासिल की थी, जबकि भाजपा को 16 और कांग्रेस को 6 वार्ड मिले थे।

भाजपा के लिए क्यों अहम है यह घटनाक्रम?

मेयर और कई पार्षदों के भाजपा में शामिल होने से श्रीनगर नगर निगम की स्थानीय राजनीति में नए समीकरण बन सकते हैं। खास तौर पर 2025 के निकाय चुनाव में मेयर पद भाजपा के हाथ से निकलने के बाद यह घटनाक्रम पार्टी के लिए अहम माना जा रहा है। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, शामिल होने वाले पार्षदों में दो कांग्रेस से जुड़े रहे हैं, जबकि अन्य पार्षदों की राजनीतिक पृष्ठभूमि अलग-अलग बताई गई है। ऐसे में आरती भंडारी के भाजपा में शामिल होने के बाद आने वाले दिनों में नगर निगम की राजनीति और स्थानीय फैसलों पर इसका असर देखने को मिल सकता है। भाजपा ने इसे संगठन के विस्तार के लिहाज से महत्वपूर्ण कदम बताया है।

Srishti
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