केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में 5 बड़ी परियोजनाओं को मिली हरी झंडी l

5 major projects got green signal in the Union Cabinet meeting: केंद्रीय मंत्रिमंडल ने देश के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए पांच महत्वपूर्ण परियोजनाओं को मंजूरी दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई बैठक में स्वीकृत इन परियोजनाओं में चार रेलवे मल्टीट्रैकिंग परियोजनाएं और बिहार की एक राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना शामिल हैं। बैठक के बाद सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि इन पांचों परियोजनाओं पर करीब 13,041 करोड़ रुपये खर्च होंगे। रेलवे की चार परियोजनाओं से पश्चिम बंगाल, ओडिशा, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के आठ जिलों में रेल संपर्क और परिवहन क्षमता को बढ़ाया जाएगा।

410 किलोमीटर बढ़ेगा रेलवे नेटवर्क

रेलवे की मंजूर की गई चार परियोजनाओं में खड़गपुर-भद्रक चौथी लाइन, भद्रक-हरिदासपुर चौथी लाइन, गुम्मिडीपुंडी-गुदुर तीसरी और चौथी लाइन तथा कटक-पारादीप तीसरी और चौथी लाइन शामिल हैं। इन परियोजनाओं पर करीब 9,450 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है और इन्हें 2030-31 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इनके पूरा होने के बाद रेलवे नेटवर्क में लगभग 410 किलोमीटर की वृद्धि होगी, जिससे ट्रेनों के संचालन में सुगमता के साथ रेलवे की क्षमता और परिचालन दक्षता भी बढ़ेगी।

हजारों गांवों तक बेहतर रेल पहुंच

इन मल्टीट्रैकिंग परियोजनाओं से करीब 6,448 गांवों में रहने वाले लगभग 60 लाख लोगों को बेहतर रेल संपर्क का लाभ मिलने की उम्मीद है। रेल क्षमता बढ़ने से यात्रियों की आवाजाही के साथ माल ढुलाई भी अधिक सुगम होगी। इन रेल मार्गों के जरिए कोयला, लौह अयस्क, सीमेंट, लोहा-इस्पात, कंटेनर, ऑटोमोबाइल और अनाज जैसी महत्वपूर्ण वस्तुओं के परिवहन को भी गति मिलने की संभावना है।

पर्यटन स्थलों तक संपर्क में सुधार

रेल परियोजनाओं के विस्तार से कई प्रमुख पर्यटन और धार्मिक स्थलों तक पहुंच भी बेहतर होने की संभावना है। इनमें कुलदिहा वन्यजीव अभयारण्य, भीतर्कनिका राष्ट्रीय उद्यान, मां भद्रकाली मंदिर, मां धमराई मंदिर, पंचलिंगेश्वर मंदिर, पुलिकट झील, नेलापट्टू पक्षी अभयारण्य, भगवान वीरराघव पेरुमल मंदिर, धबलेश्वर मंदिर और बौद्ध स्थल ललितगिरि शामिल हैं।

बिहार में NH-22 को चार लेन करने की मंजूरी

कैबिनेट ने बिहार में राष्ट्रीय राजमार्ग-22 के मुजफ्फरपुर-सितामढ़ी-सोनबरसा खंड को चार लेन वाले मानक राजमार्ग के रूप में विकसित करने की मंजूरी दी है। करीब 82.57 किलोमीटर लंबी इस परियोजना पर 3,590 करोड़ रुपये से अधिक की पूंजी लागत आने का अनुमान है। सरकार के अनुसार, इससे बिहार का राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क मजबूत होगा और यात्रियों व माल की आवाजाही तेज और सुरक्षित होगी। राजमार्ग को 100 किलोमीटर प्रति घंटे की डिजाइन गति के अनुरूप विकसित किया जाएगा, जबकि औसत परिचालन गति करीब 80 किलोमीटर प्रति घंटे रहने की उम्मीद है। परियोजना से क्षेत्रीय संपर्क बेहतर होने के साथ यात्रा समय और आर्थिक गतिविधियों पर भी सकारात्मक असर पड़ने की संभावना है।

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