3 Hospitals Shuts Down after Panacea Hospital Fire broke out: 20 मई को देहरादून से Panacea अस्पताल में लगी आग के बाद प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया है। प्रशासन के द्वारा देहरादून स्थित निजी अस्पतालों और क्लीनिक की जांच शुरू कर दी गई है। बीते दिन गुरुवार को सीएमओ डॉक्टर मनोज शर्मा के द्वारा दिए गए निर्देशों पर एसीएमओ डॉक्टर प्रदीप कुमार की टीम के द्वारा शहर के 6 प्राइवेट अस्पतालों का औचक निरीक्षण किया गया।
तीन अस्पतालों को मौके पर ही बंद
निरीक्षण के दौरान ज्यादा खामियां मिलने पर बिना पंजीकरण के चल रहे तीन अस्पतालों को मौके पर ही बंद कर दिया गया, जबकि तीन रजिस्टर्ड अस्पतालों में डॉक्टरों की गैर मौजूदगी पर उन्हें नोटिस भेजा गया। निरीक्षण की जांच सामने आने पर सुभाष नगर से डॉक्टर रेनू बिष्ट विनायक हेल्थ केयर, जोगीवाला स्थित पाइल्स केयर हॉस्पिटल, आयुष वेलनेस सेंटर और करगी बंजारा वाला रोड से दून मेडिसिटी हॉस्पिटल क्लिनिक एस्टेब्लिशमेंट एक्ट के तहत बिना पंजीकरण पाए गए। दून मेडिसिटी के पास फायर NOC भी नहीं पाई गई। इन तीनों अवैध अस्पतालों को टीम ने तत्काल रूप से बंद कर दिया है।
तो वही निरीक्षण के दौरान लापरवाही पाए जाने पर तीन अस्पतालों को तलब किया गया है। रिस्पना पुल के पास स्थित पारस हॉस्पिटल ट्रॉमा और मॉर्फिंस में निरीक्षण के समय कोई भी डॉक्टर मौजूद नहीं था, जबकि अस्पताल में एक मारा मरीज भर्ती था। ज्यादा हैराने की बात यह रही की मौके पर मिले दो पुरुष स्टाफ नर्स भी उत्तराखंड पारा चिकित्सा परिषद में रजिस्टर नहीं थे।शिमला बाइपास स्थित हयात मेडिकल सेंटर और रिंग रोड स्थित MS अस्पताल इन अस्पतालों में भी मरीज को भगवान भरोसे छोड़ा हुआ था।
स्वास्थ्य विभाग के द्वारा इन अस्पतालों पर लापरवाही पाए जाने पर कड़ा रूख अपनाया जा रहा है। तीनों अस्पतालों पारस हयात और MS के प्रबंधन को नोटिस जारी कर तीन कार्य दिवस के अंदर स्पष्टीकरण मांगा गया है। आपको बता दें कि स्वास्थ्य विभाग के द्वारा किए जा रहे औचक निरीक्षण से अस्पतालों में हड़कंप मचा हुआ है। सीएमओ डॉक्टर मनोज शर्मा ने कहा है कि औचक निरीक्षण की जांच लगातार जारी रहेगी। साथ ही अस्पताल में बिजली की ओवरलोड और सर्किट के खतरे को कम करने के लिए AC का तापमान 24 डिग्री सेल्सियस से नीचे नहीं रखने का सख्त फैसला लिया गया है साथ ही नई ओपीडी बिल्डिंग में फायर सेफ्टी से जुड़े जो भी कार्य बचे हैं उन्हें 2 दिन के अंदर किसी भी हाल में पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
