POK में विरोध प्रदर्शन तेज, जानलेवा झड़पों के बीच रुका JAAC का लॉन्ग मार्च…

Protests intensify in PoK , JAAC long march halted : पीओके में आर्थिक और राजनीतिक अधिकारों की मांग कर रहे प्रदर्शनकरियो पर सुरक्षा बलों की कार्रवाई के बाद अब स्थिति बेहद तनाव हो चुकी है जिस पर संगठनों और जम्मू कश्मीर के राजनीतिक दलों ने गहरी चिंता जताई है।आपको बता दे POK मे जॉइंट आवामी एक्शन कमेटी के समर्थक अधिक राजनीतिक प्रतिनिधित्व और खाद्य पदार्थ वस्तुओं की कमी जैसी आर्थिक दिक्कतों के समाधान की मांग कर रहे हैं जिसके दौरान प्रतिबंधित प्रदर्शनकारी समूह के समर्थकों और सुरक्षा बलों के बीच झड़प में नौ लोगों के मारे जाने और एक दर्जन के घायल होने की खबर सामने आ रही है।

विरोध प्रदर्शन हुआ हिंसक

रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने सरकारी चेतावनियों को नजर अंदाज करते हुए इस हफ्ते मुजफ्फराबाद की ओर मार्च करने का आवाहन भी किया था लेकिन मार्च से पहले हुए विरोध प्रदर्शन हिंसक होते दिखाई दिए। मानवीय अधिकार संगठनों ने पीओके के प्रदर्शन कार्यों से निपटने के लिए पाकिस्तानी सुरक्षा बलों द्वारा आंसू गैस और जानलेवा ताकत इस्तेमाल की। जिसमें पाकिस्तान के कब्जे वाले पुंछ जिले के शीर्ष नागरिक अधिकारी सरदार वहीद ने एएफपी को बताया कि मंगलवार को हुई हिंसा में साथ आम नागरिक एक पैरामिलिट्री का जवान और एक पुलिस ऑफिसर मारे गए। साथ ही पुंछ जिले में अधिक विरोध प्रदर्शन होने की जानकारी भी दी। और अगर प्रदर्शनकारी राजधानी की ओर बढ़ने की कोशिश करेंगे तो अधिकारी मार्च रोक देंगे।

AFP के आंकड़ों के मुताबिक जून में स्थानीय सरकार ने आतंकवादरोधी कानून के तहत के JAAC पर बैन लगा दिया था,जिसके बाद से अशांति और बढ़ गई। जिससे प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हुई जिसमें 22 लोग मारे गए।

बता दे जम्मू कश्मीर में इस घटनाक्रम पर चिंता जताए जा रही है मीरवाइज अमर फारूक ने एक्स पोस्ट के जरिए कहा कि वह नागरिकों और पोली ए कर्मियों की मौत की खबर से बहुत चिंतित और दुखी है। मेरी दुआएं पीड़ित परिवारों और इन दुखद घटनाओं से प्रभावित सभी लोगों के साथ है।

परामर्श और समायोजन के जरिए मतभेदों का हल

मीरवाइज ने पाकिस्तान से वार्ता को प्राथमिकता देने की अपील की और प्रदर्शनकारी संगठनों से जिम्मेदारी निभाने को कहा और मेरे परिवार जम्मू और कश्मीर के सामुदायिकों के सामाजिक , शैक्षणिक, धार्मिक,और राजनीतिक विकास के साथ पुराना इतिहास जुड़ा है जिसमें loc के दूसरी तरफ समुदाय भी शामिल है।साथ ही पाकिस्तान सरकार और वहां के स्थानीय सरकार से बात कर संयम और जुड़ाव को प्राथमिकता देने टकराव के बजाय परामर्श और समायोजन के जरिए मतभेदों को हल करने मानवाधिकारों के सम्मान और मानव जीवन की पवित्रता को सर्वोपरि रखने का आग्रह करता हु।

बता दे JAAC की मांग स्थानीय विधानसभा में 12 सीटे हटाना है जो कश्मीर बाहरी शरणार्थियों के लिए आरक्षित है और इन सीटों का इस्तेमाल पाकिस्तान की राजनैतिक पार्टियों क्षेत्रीय चुनाव करने के लिए करती है जिससे क्षेत्रीय चुनाव के नतीजों पर असर पड़ता है।

इसके साथ BJP की जम्मू कश्मीर इकाई ने भी पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में बढ़ते मानवीय संकट की खबरों पर चिंता जताई और आम लोगों के खिलाफ बल प्रयोग को तुरंत रोकने की मांग भी की। और शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए गए लोगों को रिहा करने की मांग भी की।

प्रदर्शनकारियों के सड़क जाम करने के कारण बुधवार को पुंछ में भी ज्यादातर दुकानें बंद और सार्वजनिक परिवहन ठप भी रहा।

Srishti
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