Uttarkashi : सिल्कयारा टनल में एक बार फिर बड़ा हादसा, 1 श्रमिक की मौत

major accident in Uttarkashi Silkyara Tunnel : उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में निर्माणाधीन सिल्क्यारा टनल से आज यानी गुरुवार 16 जुलाई को एक दर्दनाक हादसे की खबर सामने आ रही है। जानकारी के अनुसार रात करीब 2:00 बजे टनल के अंदर शॉर्टक्रिट लाइनिंग का एक हिस्सा अचानक टूटकर गिरा। जिसकी चपेट में आने से 21 वर्षीय श्रमिक की मौके पर मौत हो गई है और श्रमिक झारखंड का बताया जा रहा है।

आपको बता दें यह हादसा बड़कोट के टनल साइड से लगभग 900 मीटर अंदर हुआ जिस दौरान टनल के अंदर निर्माण कार्य चल रहा था। घटना के होते ही कार्य कर रहे श्रमिकों में अफरा तफरी मच गई। इसके बाद श्रमिकों ने तत्काल राहत और बचाव कार्य शुरू किया,जिसमें श्रमिक को बाहर निकालने का प्रयास किया लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।

हालांकि घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और संबंधित विभाग टीम मौके पर पहुंच चुकी थी। पुलिस ने आवश्यक कानूनी कार्रवाई करते हुए शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भेज दिया है। हादसे के बाद टनल निर्माण कार्य से जुड़े अधिकारियों ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।

बड़कोट कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक सुभाष चंद्र का कहना है कि शव मोर्चरी में सुरक्षित रखा गया है। श्रमिक के कुछ साथी नौगांव में मौजूद है। और पुलिस नियम अनुसार आगे की कार्रवाई कर रही है परिजनों को घटना की सूचना भी दे दी गई है।

वहीं राष्ट्रीय राजमार्ग एवं अवसंरचना विकास निगम लिमिटेड(NHIDCL) ने हादसे की विस्तृत जांच शुरू कर दी है विभागीय अधिकारियों के अनुसार दुर्घटना के कर्म का पता लगाने के लिए रिपोर्ट तैयार की जा रही है साथ ही जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि हादसा किन परिस्थितियों में हुआ और इसके लिए कोई तकनीकी या अन्य कारण जिम्मेदार तो नहीं था।

आपको बता दे सिल्क्यारा टनल पहले भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में रही है। जब 12 नवंबर 2023 को उत्तरकाशी में बन रहे इस टनल में भूस्खलन की खबर सामने आई थी। चार धाम ऑल वेदर रोड प्रोजेक्ट के तहत बनाई जा रही इस टनल का एक हिस्सा डर गया था। जिस कारण 41 मजदूर अंदर फस गए थे जिन्हें जटिल और ऐतिहासिक रेस्क्यू ऑपरेशन के जरिए 17 दिनों बाद सुरक्षित बाहर निकाल दिया गया था। ऐसी घटना का फिर से सामने आना इस निर्माण कार्य के सुरक्षा मानकों पर फिर से सवाल खड़े कर रही है। इसके चलते स्थानीय लोगों और श्रमिक संगठनों ने दुर्घटना की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई और निर्माण स्थल पर सुरक्षा मानकों को शक्ति से लागू करने की मांग की है।

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