Rouse Avenue Court acquits Brijbhushan : दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट ने 6 महिला पहलवानों द्वारा दर्ज यौन उत्पीड़न के मामले में पूर्व बीजेपी सांसद और भारतीय कुश्ती संघ के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह को बरी कर दिया है। अदालत ने सोमवार यानि 3 अगस्त को यह फैसला सुनाया। इसके साथ ही कोर्ट ने अन्य आरोपी विनोद तोमर को भी आरोप-मुक्त कर दिया है।
महिला खिलाड़ियों की यौन शोषण के आरोपों से संबंधित इस मामले की सुनवाई 2023 चल रही थी, सुनवाई अब तक लगभग 1133 दिनों तक चली, जिसमें कोर्ट द्वारा 127 बार सुनवाई की गई।
बता दे इस यौन शोष मामले की शुरुआत 18 जनवरी 2023 में हुई थी। जहां महिला पहलवान विनेश फोगाट, साक्षी मलिक, बजरंग पूनिया समेत करीब 30 पहलवानों ने भारतीय कुश्ती संघ के तत्कालीन अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ देश की राजधानी दिल्ली के जंतर मंतर पर धरना दिया था। इन पहलवानों ने बृजभूषण सिंह पर यौन उत्पीड़न, पीछा करने और आपराधिक धमकी देने के गंभीर आरोप लगाए थे। बाद में 21 अप्रैल 2023 को नाबालिग समेत 7 महिला पहलवानों ने बृजभूषण के खिलाफ दिल्ली पुलिस क सामने यौन शोषण की शिकायत दी थी। इसके बाद पहलवान ने सुप्रीम कोर्ट गए। 4 मई 2023 को सुप्रीम कोर्ट में मामले की सुनवाई हुई।
वहीं 7 जून को पहलवानों और केंद्रीय खेल मंत्री की बैठक हुई, 15 जून को दिल्ली पुलिस ने बृजभूषण सिंह और तत्कालीन भारतीय कुश्ती संघ सहायक सचिव विनोद तोमर के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। मई 2024 में राउज एवेन्यू कोर्ट ने बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ योन उत्पीड़न, महिला की गरिमा भंग करने और आपराधिक धमकी जैसे कई आरोप तय किया लेकिन बृजभूषण शरण सिंह ने इसे मानने से इनकार कर दिया था।
कुल 32 गवाहों से हुई पूछताछ
मई 2025 को पटियाला हाउस कोर्ट की अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश गोमती मनोचा ने पॉक्सो मामले में दिल्ली पुलिस की क्लोजर रिपोर्ट स्वीकार कर ली। वहीं 25 मई 2026 को अभियोजन पक्ष के अंतिम गवाह की गवाही पूरी हुई, इस दौरान कुल 32 गवाहों से पूछताछ हुई, जबकि 9 गवाहों को अभियोजन ने हटा दिया। 8 जून 2026 को दोनों आरोपियों के बयान दर्ज किए गए। 9 जून से अंतिम बहस शुरू हुई, जो 2 जुलाई को पूरी हुई। इसके बाद 3 अगस्त 2026 को अदालत ने अपना फैसला सुनाया और बृजभूषण को बरी कर दिया गया।
कोर्ट के फैसले पर बृजभूषण शरण सिंह ने अपनी पहली प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि “कोर्ट ने सबसे पहले अपने फैसले में कहा कि बृजभूषण शरण सिंह और विनोद तोमर को बाइज्जत बरी किया जाता है। मेरी प्रतिक्रिया यह है कि पहले दिन जब मेरा वक्तव्य आया था तो मैंने कहा था कि अगर कोई फैसला आएगा तो मैं स्वतः फांसी पर लटक जाऊंगा। आज कोर्ट ने बाइज्जत बरी किया, मेरे लिए और मेरे समर्थकों के लिए प्रसन्नता का विषय है।”
