Alert after Dehradun robbery: देहरादून के बल्लीवाला क्षेत्र में भाजपा पार्षद अमिता सिंह के घर हुई लूट की घटना ने घरेलू सहायकों की नियुक्ति और पुलिस सत्यापन को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस के अनुसार, परिवार ने करीब 25 दिन पहले एक घरेलू मेड-नौकर को ऑनलाइन माध्यम से काम पर रखा था। आरोप है कि मंगलवार रात नौकर ने परिवार के खाने में नशीला पदार्थ मिला दिया, जिसके बाद परिवार के सदस्य बेहोशी की हालत में पहुंच गए और आरोपी अपने साथियों के साथ घर से नकदी व आभूषण लेकर फरार हो गया।
पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी की पहचान भरत थापा के रूप में हुई है। रेपोर्ट्स के मुताबिक, पुलिस का कहना है कि वह पहले दिल्ली में डकैती के मामले में जेल जा चुका है। जांच में यह भी सामने आया कि उसे दिल्ली की एक प्लेसमेंट एजेंसी के माध्यम से काम पर भेजा गया था। देहरादून पुलिस अब एजेंसी, आरोपी के संपर्कों और उसके पूर्व रिकॉर्ड की जांच कर रही है।
घटना के बाद पुलिस ने आरोपी की तलाश तेज कर दी है और उसके नेपाल भागने की आशंका को देखते हुए सीमा क्षेत्र में भी निगरानी बढ़ाई गई है। रेपोर्ट्स के अनुसार, पुलिस देश के अलग-अलग हिस्सों में सामने आए ऐसे मामलों के पैटर्न की भी जांच कर रही है, जिनमें घरेलू सहायकों के जरिए परिवार का भरोसा हासिल करने के बाद लूट की घटनाओं को अंजाम देने के आरोप सामने आए हैं।
इस घटना के बाद विशेषज्ञों और पुलिस की ओर से लोगों से अपील की जा रही है कि घरेलू नौकर या मेड को रखने से पहले पहचान, स्थायी पता, पूर्व रोजगार और आपराधिक रिकॉर्ड की जांच तथा स्थानीय पुलिस सत्यापन जरूर कराया जाए। साथ ही, केवल ऑनलाइन एजेंसी की जानकारी पर भरोसा करने के बजाय एजेंसी की विश्वसनीयता और उपलब्ध कराए गए दस्तावेजों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि करना जरूरी है।
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