CJP enters Uttarakhand : कॉकरोच जनता पार्टी ने अपने ‘स्कूल ठीक करो अभियान’ के तहत उत्तराखंड में एंट्री की है। जिसके बाद CJP ने उत्तराखंड में सरकारी शिक्षा व्यवस्था को लेकर ने धामी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। CJP ने राज्य के 826 सरकारी स्कूलों को बंद किए जाने को लेकर सरकार से जवाब मांगा है। सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी, जर्जर भवन और बुनियादी सुविधाओं के अभाव को लेकर CJP ने सरकार को 10 दिनों का अल्टीमेटम दिया है। वहीं मामले में स्पष्टीकरण न मिलने पर 2 अक्टूबर के बाद शांतिपूर्ण आंदोलन की चेतावनी भी दी है। आंदोलन में शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के इस्तीफे की मांग उठाई जाएगी।
पार्टी के नॉर्थ जोन संयोजक श्रेष्ठ सिंह और अन्य पदाधिकारियों ने देहरादून में धामी सरकार को घेरते हुए कई गंभीर सवाल उठाए हैं। रविवार को देहरादून में आयोजित प्रेस वार्ता में कॉकरोच जनता पार्टी के नार्थ जोन संयोजक श्रेष्ठ सिंह खेड़ा ने कहा कि पार्टी के स्कूल बचाओ अभियान को उत्तराखंड में भी व्यापक स्तर पर चलाया जाएगा।
बता दे राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के बाद CJP सरकारी स्कूलों की स्थिति और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े सवालों को लेकर अब उत्तराखड़ सरकार को घेरने की तैयारी में है। खेड़ा ने सवाल उठाया कि आखिर उत्तराखंड में 826 प्राथमिक विद्यालय क्यों बंद हुए, इन विद्यालयों को बंद करने के पीछे क्या कारण रहे और वहां पढ़ने वाले बच्चों की शिक्षा के लिए क्या व्यवस्था की गई।
CJP के संयोजक ने बंद सरकारी स्कूलों पर मांगी रिपोर्ट
सीजेपी नॉर्थ जोन संयोजक ने दावा किया कि प्रदेश के कई सरकारी विद्यालयों में गणित और भौतिक विज्ञान जैसे महत्वपूर्ण विषयों के शिक्षक उपलब्ध नहीं हैं। वहीं, 270 स्कूलों में पेयजल की व्यवस्था नहीं होने का भी उन्होंने दावा किया। उन्होंने कहा कि पिछले 5 सालों में उत्तराखंड के भीतर 826 प्राथमिक स्कूल बंद कर दिए गए हैं। जबकि, उत्तराखंड में टीचर्स की वैकेंसी खाली चल रही है। उन्होंने कहा कि सरकार को केवल आंकड़े प्रस्तुत करने के बजाय बंद स्कूलों की स्थिति, उनके कारणों और बच्चों पर पड़े प्रभाव को लेकर स्पष्ट रिपोर्ट सार्वजनिक करनी चाहिए।
श्रेष्ठ सिंह ने ऐलान करते हुए कहा कि बंद हुए स्कूलों पर यदि सरकार ने कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया, तो 10 दिन के बाद शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत का इस्तीफा भी मांगा जा सकता है। उन्होंने कहा कि 826 बंद सरकारी स्कूलों पर पूरी रिपोर्ट जारी होनी चाहिए।
उन्होंने स्कूलवार इनरोलमेंट, शिक्षकों की संख्या, सुविधाएं, बंद होने के कारण, स्कूल के आसपास की जनसंख्या और निकटतम वैकल्पिक स्कूल की दूरी सार्वजनिक किए जाने की मांग की। इसके अलावा सीजेपी ने 10 दिनों के भीतर उत्तराखंड एजुकेशन रोड मैप जारी किए जाने की भी मांग की गई है। जिसमें शिक्षक, पेयजल ,शौचालय ,सुरक्षित भवन, बिजली और अन्य बुनियादी सुविधाओं को पूरा करने की जिलावार डेडलाइन दी जाए।
सरकारी स्कूलों में छात्रों को बेसिक ट्रांसपोर्ट सुविधा, विशेष कर पहाड़ी और दुर्गम क्षेत्रों में सुरक्षित स्कूल बस या मिनी बस या अन्य नियमित परिवहन व्यवस्था सुनिश्चित किए जाने की भी मांग की गई है। कॉकरोच जनता पार्टी ने साफ किया है कि 10 दिन में यदि जवाब नहीं आया तो उन्हें शांतिपूर्ण आंदोलन की राह पर चलना पड़ेगा।
