CM Dhami broken record for serving longest tenure as CM : उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सबसे ज्यादा समय तक राज्य का मुख्यमंत्री रहने का रिकॉर्ड तोड़ दिया है।आपको बता दे एनडी तिवारी उत्तराखंड के पहले मुख्यमंत्री थे जिन्होंने मुख्यमंत्री के पद पर अपने पांच साल का कार्यकाल पूरा किया था। अब पुष्कर सिंह धामी सबसे ज्यादा समय तक उत्तराखंड का मुख्यमंत्री रहने का उनका रिकॉर्ड तोड़ दिया है। नारायण दत्त तिवारी अपने कार्यकाल में 1831 दिन मुख्यमंत्री रहे। साथ ही सीएम धामी के कार्यकाल को आज यानी शुक्रवार 10 जुलाई को 1832 दिन हो पूरे गए हैं।
एनडी तिवारी 2 मार्च 2002 को उत्तराखंड के पहले चुने हुए मुख्यमंत्री बने. जिनका कार्यकाल 7 मार्च 2007 तक एक्टिंग मुख्यमंत्री के रूप में 1831 दिनो तक रहा साथ ही पुष्कर सिंह धामी 4 जुलाई 2021 को उत्तराखंड के मुख्यमंत्री बने थे। और 2022 में विधानसभा चुनाव के चलते बीजेपी ने उन्हें फिर से राज्य का मुख्यमंत्री बनाया। तब से लेकर अब तक वह मुख्यमंत्री पद पर बने हुए हैं. आज उन्होंने सीएम कार्यकाल के रूप में 1832 दिन पूरे कर लिए हैं।
पांच दिन के अंदर दो-दो नए रिकॉर्ड बनाए
बताया जा रहा है कि धामी ने पांच दिन के अंदर दो-दो नए रिकॉर्ड बना दिए हैं। 4 जुलाई को धामी पांच साल का कार्यकाल पूरा करने वाले बीजेपी के पहले मुख्यमंत्री बने और नारायण दत्त तिवारी का सबसे ज्यादा दिन तक मुख्यमंत्री पद पर रहने का रिकॉर्ड भी तोड़ दिया है।
आपको बता दे कांग्रेस ने अब तक उत्तराखंड को तीन मुख्यमंत्री दिए. इनमें एनडी तिवारी , विजय बहुगुणा और हरीश रावत शामिल हैं। इन तीनाे मुख्यमंत्रियों में से सिर्फ नारायण दत्त तिवारी ही अपना पांच साल का कार्यकाल पूरा कर पाए थे। साथ ही विजय बहुगुणा और हरीश रावत भी कांग्रेस सरकार के एक ही कार्यकाल में मुख्यमंत्री रहे थे।
बीजेपी ने उत्तराखंड को अब तक 7 मुख्यमंत्री दिए हैं जिसमे उत्तराखंड राज्य बनने के बाद पहले मुख्यमंत्री नित्यानंद स्वामी, भगत सिंह कोश्यारी, भुवन चंद्र खंडूड़ी, रमेश पोखरियाल निशंक, त्रिवेंद्र सिंह रावत, तीरथ सिंह रावत और पुष्कर सिंह धामी शामिल हैं। भुवन चंद्र खंडूड़ी दो बार प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे। पुष्कर सिंह धामी भी दो बार सीएम पद की शपथ ले चुके हैं।
भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष रहे
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की बात करे तो उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद यानी एबीवीपी से की थी। लखनऊ विश्वविद्यालय में अपने छात्र जीवन के दौरान धामी एबीवीपी के यूपी के प्रदेश महासचिव रहे थे। उन्होंने अपने कार्यकाल में एबीवीपी का बहुत बड़ा और सफल महासम्मेलन आयोजित कराया और उत्तराखंड बनने के बाद पुष्कर सिंह धामी दो बार भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष भी रहे थे।
2012 में बीजेपी ने उन्हें पहली बार विधायकी का चुनाव लड़ाया और धामी पहली बार खटीमा से चुनाव जीते। 2017 में भी वो खटीमा से चुनाव जीते. 2021 में तीरथ सिंह रावत के पद से हटने पर उन्हें मुख्यमंत्री बनाया गया. 2022 के चुनाव में वो कांग्रेस के भुवन कापड़ी से हार गए थे. लेकिन बीजेपी ने फिर भी धामी को ही मुख्यमंत्री बनाया और चंपावत सीट पर उपचुनाव लड़कर धामी फिर विधानसभा पहुंचे.
