Congress attacks Election Commission over SIR: उत्तराखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर सियासी विवाद तेज हो गया है। कांग्रेस ने मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए चुनाव आयोग का रुख किया। पार्टी नेताओं ने दिल्ली स्थित निर्वाचन आयोग कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर पारदर्शी जांच और पात्र मतदाताओं के नाम सुरक्षित रखने की मांग की।
कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि SIR के दौरान पात्र मतदाताओं के नाम हटाने के लिए संदिग्ध शिकायतों का इस्तेमाल किया जा रहा है। पार्टी का दावा है कि कुछ लोगों के नाम से ऐसी शिकायतें भी सामने आई हैं, जिन्हें इसकी जानकारी तक नहीं थी। कांग्रेस ने पूरे मामले की जांच की मांग की है।
कांग्रेस के उत्तराखंड प्रभारी कुमारी सैलजा समेत अन्य नेताओं ने आयोग के समक्ष ज्ञापन देने की कोशिश की। कांग्रेस के मुताबिक, तत्काल मुलाकात नहीं होने के बाद प्रतिनिधिमंडल ने कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। पार्टी ने चुनाव प्रक्रिया में निष्पक्षता और पारदर्शिता पर जोर दिया।
उत्तराखंड कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने भी कथित फर्जी शिकायतों का मुद्दा उठाया। कांग्रेस ने पिरान कलियर विधायक फुरकान अहमद का नाम हटाने के लिए शिकायत किए जाने का दावा किया है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
चुनाव आयोग की ओर से कांग्रेस को बातचीत का न्योता
विवाद के बीच उत्तराखंड के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने कांग्रेस को बातचीत के लिए आमंत्रित किया है। रिपोर्ट के अनुसार, कांग्रेस ने 20 अगस्त को मुलाकात के लिए ईमेल किया था, जिसके बाद अतिरिक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी मस्तू दास ने प्रतिनिधिमंडल को शुक्रवार दोपहर 3 बजे सचिवालय स्थित CEO कार्यालय में चर्चा के लिए बुलाया।
बैठक में कांग्रेस SIR से जुड़ी अपनी शिकायतें और आरोप निर्वाचन अधिकारियों के सामने रख सकती है। इससे मामले और निर्वाचन प्रक्रिया को लेकर स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।
SIR के तहत लाखों नाम ड्राफ्ट सूची से बाहर
SIR के पहले चरण के बाद 14 जुलाई 2026 को ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रकाशित हुई। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, सूची में करीब 71.33 लाख मतदाता शामिल किए गए, जबकि लगभग 8.26 लाख नाम अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत या दोहरे मतदाताओं जैसी श्रेणियों के आधार पर बाहर किए गए। निर्वाचन प्रक्रिया में संबंधित मतदाताओं को दावे और आपत्तियां दर्ज कराने का अवसर दिया गया है। आयोग की आधिकारिक SIR वेबसाइट पर ड्राफ्ट सूची और ASD से जुड़ी जानकारी भी उपलब्ध है।
बाद की प्रक्रिया में करीब 19.04 लाख मतदाताओं को नोटिस जारी किए जाने की जानकारी सामने आई। इनसे निर्धारित प्रक्रिया के तहत दस्तावेजों के साथ अपना पक्ष रखने को कहा गया है। फिलहाल SIR को लेकर कांग्रेस के आरोपों और निर्वाचन अधिकारियों की प्रक्रिया के बीच सियासी बहस जारी है। आरोपों की वास्तविक स्थिति दावे-आपत्तियों के निस्तारण और निर्वाचन अधिकारियों की जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
