BRICS Summit सम्मेलन से पहले भारत का बड़ा कूटनीतिक दाव, 4 बड़े नेता विदेश दौरे पर..

Diplomatic push ahead of BRICS summit : भारत ने BRICS शिखर सम्मेलन से पहले वैश्विक मंच पर अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए दुनिया की प्रमुख शक्तियों के साथ कूटनीतिक बातचीत और द्विपक्षीय बैठकों का सिलसिला तेज कर दिया है। जिसका मुख्य उद्देश्य बहुपक्षीय मंचों पर अपने राष्ट्रीय हितों को सुरक्षित रखना और वैश्विक व्यवस्था में संतुलन बनाना है।

नई दिल्ली में सितंबर 2026 में आयोजित होने वाले 18वें BRICS शिखर सम्मेलन से ठीक पहले भारत सरकार ने एक बहुत बड़ा कूटनीतिक अभियान (Diplomatic Push) शुरू किया है। जिसके तहत भारत के चार सबसे प्रमुख शीर्ष अधिकारी और मंत्री मिलकर दुनिया के पांच अलग-अलग महत्वपूर्ण देशों का दौरा कर रहे हैं, ताकि सम्मेलन से पहले भारत के राष्ट्रीय हितों को मजबूत किया जा सके।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने तीन मंत्रियों निर्मला सीतारमण, एस. जयशंकर, पीयूष गोयल और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल के साथ मिलकर एक बड़ा कूटनीतिक अभियान चला रहे हैं। यह डिप्लोमैटिक मीटिंग 3 हफ्तों तक चलेगी जो सितंबर के दूसरे सप्ताह में समाप्त होगी, जिसके ठीक बाद नई दिल्ली में BRICS शिखर सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा।

वित्त मंत्री कनाडा और अमेरिका दौरे पर (BRICS summit)

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 25 अगस्त से 2 सितंबर 2026 तक कनाडा और अमेरिका के बेहद महत्वपूर्ण आधिकारिक दौरे पर हैं। BRICS शिखर सम्मेलन से ठीक पहले हो रही यह यात्रा भारत की आर्थिक कूटनीति के लिए बेहद रणनीतिक मायने से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के कनाडा और अमेरिका दौरे में चार प्रमुख एजेंडें -निवेशक बैठकें, कॉरपोरेट लीडर्स से बातचीत, आर्थिक संबंधों को मजबूत करना और G20 वित्तीय चर्चा को मुख्य प्राथमिकता दी गई है।

वहीं इस कूटनीतिक विशेष अभियान के तहत विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने हाल ही में मॉस्को में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव के साथ एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक की है। जिसमें आगामी मोदी-पुतिन बैठक की तैयारियों के बीच आर्थिक सहयोग, ऊर्जा और उर्वरक, तथा तकनीक और रक्षा के मुख्य बिंदुओं पर बातचीत की गई।

वहीं कॉमर्स मंत्री पीयूष गोयल 200 भारतीय व्यापारिक नेताओं और दिग्गजों के एक बड़े प्रतिनिधिमंडल के साथ जापान के दौरे पर हैं। इस दौरे का मुख्य लक्ष्य भारत-जापान द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाना और भारत के बुनियादी ढाँचे में भारी जापानी निवेश को आकर्षित करने, हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग, सेमीकंडक्टर और अगली पीढ़ी के उद्योगों पर बातचीत चल रही है।

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल भारत-चीन विशेष प्रतिनिधियों की वार्ता के 25वें दौरे के लिए चीन की राजधानी बीजिंग में हैं। इस उच्च-स्तरीय रणनीतिक बैठक का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच लंबे समय से लंबित सीमा मुद्दों का स्थायी समाधान खोजना और LAC पर मौजूदा तनाव का कुशलतापूर्वक प्रबंधन करना है।

Srishti
Srishti