Lack of Road in Ramnagar Village, people seek answer : रामनगर सल्ट विकासखंड के जाख ग्रामसभा के पणचुरा गांव में सड़क सुविधा न होने पर लोगों का संघर्ष, बुजुर्ग महिला को चारपाई से पहुंचाया अस्पताल में आज भी विकास के बीच ग्रामीण सड़क जैसी बुनियादी सुविधा से जूझ रहा है। बताया जा रहा है कि कल 7 जून को 75 वर्षीय बुजुर्ग महिला भागुली देवी को उपचार के लिए ग्रामीणों ने चारपाई पर लिटाकर करीब 3 किलोमीटर दूर सड़क तक पहुंचना पड़ा। दुर्गम रास्ते के कारण करीब 2 घंटे की मशक्कत के बाद उन्हें वाहन तक पहुंचाया गया, जिसके बाद इलाज के लिए हॉस्पिटल ले जाया गया। यह घटना दर्शाती है कि आज भी पहाड़ों में बीमारी, बुजुर्गावस्था और आपात स्थिति में सड़क नहीं ग्रामीण ही काम आते हैं। आपको बता दे भागुली देवी अपने पति के साथ रहती हैं और रोजगार के सिलसिले में उनके तीनो बेटे बाहर निजी क्षेत्र में कार्यरत है कुछ समय पहले गिरकर उन पर चोट आई थी।चोट लगने के बाद उचित व्यवस्था न होने पर घर पर ही उनका उपचार किया गया।
चारपाई पर लिटाकर सड़क तक पहुंचाया..
हाल ही गांव में आयोजित पूजा पाठ के कार्यक्रम में उनके बेटे घर पहुंचे थे जहां मां की बिगड़ती हालत देख उन्हें शहर ले जाने का निर्णय लिया।कठिन पहाड़ी रास्ते और सड़क व्यवस्था न होने के कारण ग्रामीणों ने मिलकर भागूली देवी को चारपाई पर लिटाकर कठिन रास्तों से सड़क तक पहुंचाया। उबड खाबड और उतार चढ़ाव वाले रास्ते की 3 किलोमीटर दूरी तय कर करीब 2 घंटे में उन्हें सड़क तक पहुंचाया गया।ग्रामीणों का कहना है कि यह पहली घटना नहीं है उन्हें सड़क व्यवस्था न होने के कारण कई मुश्किलें झेलनी पड़ती है । साथ ही रोजमरा की जरूरत जैसे राशन ,गैस सिलेंडर और अन्य आवश्यक सामान तक पहुंचने के लिए लोगों को पैदल ही दूरी तय करनी पड़ती है।
स्थानीय निवासी जगत सिंह का कहना है कि सड़क न होने के कारण गांव के अधिकांश लोग रोजगार और बेहतर सुविधाओं की तलाश में बाहर बस चुके हैं और गांव में ज्यादातर बुजुर्ग महिलाएं और बच्चे ही रह गए हैं वही ग्रामीण बताते हैं कि पिछले 26 वर्षों की सड़क जाख तक ही पहुंची है लेकिन उसे आगे मात्र 3 किलोमीटर दूर पणचुरा गांव तक आज तक नहीं पहुंच पाई जिसका खामियाजा ग्रामीणों को हर दिन भुगतना पड़ता है। ग्रामीण सड़क निर्माण की मांग कई वर्षों से कर रहे है पिछले वर्ष भी पंचायत चुनाव के दौरान ग्रामीणों ने “सड़क नहीं तो वोट नहीं” नारा देकर मतदान का बहिष्कार भी किया। आज भी ग्रामीण सड़क सुविधा के लिए संघर्ष कर रहे हैं और लगातार शासन प्रशासन से सड़क निर्माण कर क्षेत्र को बुनियादी सुविधाओं से जोड़ने की मांग भी दोहराई है।
