Makar Sankranti 2026 : घने कोहरे और कड़ाके की ठंड में आस्था की डुबकी, माघ मकर संक्रांति पर उमड़े श्रद्धालु…

Makar Sankranti 2026 : उत्तराखंड में आज माघ मकर संक्रांति बड़े ही धूम धाम से मनाई जा रही है। सुबह से ही गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं की भीड़ देखने को मिल रही हैं। घना कोहरा और सर्द हवाओं के बावजूद हर की पैड़ी समेत सभी प्रमुख घाटों पर आस्था का सैलाब नजर आ रहा है। इस पावन अवसर पर लोग दूर दूर से स्नान के लिए पहुंच रहे हैं।

आपको बता दें, आज सुबह तड़के से ही पारंपरिक ढोल-दमाऊं की थाप के साथ देव डोलियों को घाटों तक लाया गया और विधि-विधान से गंगा स्नान कराया गया। सुबह से ही घाटों पर स्नान, दान और पूजा-अर्चना का क्रम जारी रहा।

उत्तरायण पर्व पर बना विशेष शुभ संयोग

बता दें, मकर संक्रांति सूर्य के उत्तरायण में प्रवेश का प्रतीक पर्व है। इस वर्ष संक्रांति के साथ षटतिला एकादशी का संयोग बनने से इसका धार्मिक महत्व और बढ़ गया है। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार यह दुर्लभ संयोग लगभग 23 वर्षों बाद बना है, जिसे अत्यंत पुण्यदायी माना जा रहा है।

वहीं, नारायण ज्योतिष संस्थान के ज्योतिषाचार्य आचार्य विकास जोशी के अनुसार बुधवार दोपहर 3 बजकर 7 मिनट पर सूर्य मकर राशि में प्रवेश करेंगे। शास्त्रों में उत्तरायण काल को शुभ माना गया है। इस अवधि में पवित्र नदियों में स्नान, सूर्य देव को अर्घ्य और दान-पुण्य करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है। उन्होंने बताया कि प्रातः स्नान के बाद भगवान शिव, माता पार्वती और भगवान गणेश की पूजा कर सूर्य को अर्घ्य देना लाभकारी रहता है।

सिद्धि योगों से बढ़ी पर्व की महत्ता

मकर संक्रांति के दिन सुबह 7 बजकर 31 मिनट से रात 3 बजकर 04 मिनट तक सर्वार्थ सिद्धि योग और अमृत सिद्धि योग का निर्माण हो रहा है। इसके साथ चतुर्ग्रही योग और वृद्धि योग भी बन रहे हैं, जिससे यह दिन और अधिक शुभ माना जा रहा है।

इस अवसर पर गंगा स्नान के बाद सूर्य देव को जल अर्पित करने, जल में गुड़ या लाल पुष्प मिलाने तथा तिल-गुड़ का दान करने की परंपरा है। साथ ही जरूरतमंदों को वस्त्र या अन्न दान करना चाहिए। इसके साथ ही आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करने से लाभ होगा ।

Aarti Rawat
Aarti Rawat