Monsoon havoc in Uttarakhand: उत्तराखंड में मानसून के दस्तक देने के बाद से ही राज्य के कई जगह से भूस्खलन, मार्ग क्षतिग्रस्त होने जैसी खबरें लगातार सामने आ रही है जिसके कारण आम जनता को लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। राज्य में चल रही चार धाम यात्रा पर भी मानसून का असर देखने को मिल रहा है।
- सोमवार रात से जारी भारी बारिश के कारण यमुनोत्री हाईवे और जानकी चट्टी यमुनोत्री पैदल मार्ग का करीब 20 से 25 मीटर हिस्सा धस गया जिसके कारण आवाजाही पूरी तरह से ठप हो गई और चार धाम यात्रा 2 दिनों के लिए बंद कर दी गई है।
- यमुनोत्री पैदल मार्ग का 30 मीटर हिस्सा धंसा,यमुनोत्री हाईवे पर आवाजाही पूरी तरह से ठप। वही गंगोत्री हाईवे पर भूस्खलन के चलते बॉर्डर पर आवाजाही पूरी तरह से ठप हो गई है जहां BRO की ओर से मलबा और बोल्डर हटाने का काम लगातार जारी है।
- लगातार बारिश के चलते भूस्खलन और सड़क पर मालवा आने के कारण मसूरी आने जाने वाला मुख्य मार्ग भी बंद हो गया है और मसूरी स्थित लाइब्रेरी क्षेत्र के स्प्रिंग रोड भंडारी निवास परिसर में भूस्खलन हुआ जिसके चलते पुस्ता गिर गया पुश्ता गिरने से बांज के दो पेड़ इसकी जद में आ गए हैं जो कभी भी गिर सकते हैं जिसे लोगों पर लगातार खतरा बना हुआ है।
- बारिश के चलते डोईवाला ऋषिकेश मुख्य मार्ग पर फ्लाईओवर के नीचे भी जलभराव देखने को मिला जिसके कारण आसपास के घरों में भी बरसात का पानी घुस गया, जिससे लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
- सोमवार रात से लगातार हो रही बारिश के कारण 16 दिन पहले जनता को समर्पित हुआ 16 करोड़ की लागत से बना पुल क्षतिग्रस्त हो गया। देहरादून स्थित प्रेम नगर के नंदा की चौकी के पास बना पुल में मानसून की शुरुआत में ही बड़ा गड्ढा देखने को मिला जिससे यातायात पूरी तरह से ठप हो गया है।
- पिथौरागढ़ में हो रही लगातार बारिश के कारण सरयू और गोमती नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है जबकि बागेश्वर जनपद के पांच मोटर मार्ग भूस्खलन और मलबा आने के कारण पूरी तरह से ठप हो गए हैं।
- भारी बारिश के कारण टनकपुर तवाघाट हाईवे तवाघाट के समीप बंद है। चीन सीमा तक जाने वाला तवाघाट लिपुलेख चीन, सीमा को जोड़ने वाला मुनस्यारी–धापा–मिलम मार्ग, थल–मुनस्यारी सहित 22 रास्ते बंद हो गए हैं।
