MPSC Aspirants Protest Exam Scams in Pune : पुणे की सड़कों पर इस समय जंतर-मंतर जैसा नजारा दिख रहा है। जहां आज यानी 7 सितंबर 2026 को पुणे की सड़कों पर MPSC (महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग) के उम्मीदवार और युवा प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे है। बता दे पुणे में Gen-Z (युवा पीढ़ी) के विरोध प्रदर्शन (Protest) का मुख्य कारण परीक्षा प्रणाली में गड़बड़ियाँ, पेपर लीक और छात्र हितों की अनदेखी है। जिसके चलते छात्र सड़को पर उतरकर जोरदार प्रदर्शन कर रहे हैं और अपनी मांगों को लेकर प्रशासन के सामने खड़े हैं। छात्र न केवल परीक्षा सही से करवाने की मांग कर रहे हैं बल्कि चेयरमैन के इस्तीफे की भी मांग कर रहे हैं।
यह है आंदोलन के मुख्य कारण
इस आंदोलन में छात्रों के गुस्से का मुख्य कारण (MPSC) परीक्षा पैटर्न में बार-बार होने वाले बदलाव, कथित अनियमितताएं, घोटाले और सीटों में की गई भारी कटौती है। इन गड़बड़ियों से नाराज प्रतियोगी छात्रों की प्रमुख मांग है कि पूरी भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और सही तरीके से आयोजित किया जाए, और साथ ही वे इस अव्यवस्था के जिम्मेदार आयोग के चेयरमैन (अध्यक्ष) के इस्तीफे की मांग भी कर रहे हैं। वहीं कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के साथ-साथ कांग्रेस के LOP राहुल गांधी और MLA आदित्य ठाकरे HIV सेना (UBT) जैसे विपक्षी नेताओं ने आंदोलन को अपना समर्थन दिया।
प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों का कहना है कि सरकारी भर्ती परीक्षाओं की प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और घोटालों ने अभ्यर्थियों के बीच असंतोष पैदा किया। उन्होंने आगे कहा कि प्रतियोगी परीक्षाएं युवाओं के लिए सरकारी नौकरी हासिल करने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। ऐसे में परीक्षा से जुड़ी किसी भी तरह की गड़बड़ी का सीधा असर हजारों उम्मीदवारों के भविष्य पर पड़ता है। अभ्यर्थी MPSC से भर्ती प्रक्रिया को ज्यादा पारदर्शी बनाने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि परीक्षा से जुड़े फैसले, रिजल्ट और भर्ती प्रक्रिया के अलग-अलग चरणों को लेकर उम्मीदवारों को स्पष्ट और विश्वसनीय जानकारी मिलनी चाहिए। इसके साथ ही कथित अनियमितताओं की जांच कर जिम्मेदारी तय करने की मांग भी की जा रही है।
वहीं एग्जाम स्कैम के अलावा, पुणे के स्थानीय युवाओं और नागरिकों ने शहर में आगामी त्योहारों (गणेशोत्सव) के दौरान होने वाले कर्णकर्कश डीजे और लाउडस्पीकर के खिलाफ भी 6 और 7 सितंबर 2026 को एक बड़ा विरोध मार्च निकाला है। पेठ इलाकों के रहने वाले युवाओं और डॉक्टरों का कहना है कि अत्यधिक शोर से बुजुर्गों और पढ़ाई करने वाले छात्रों के स्वास्थ्य को भारी नुकसान पहुँच रहा है।
