संसद में गतिरोध बरकरार: अमित शाह बोले- हर चर्चा को तैयार, राहुल गांधी का जवाब- ‘We Don’t Care’

संसद में जारी गतिरोध के बीच गृह मंत्री अमित शाह ने विपक्ष से बातचीत की पहल की है। शाह ने कहा कि विपक्ष जब चाहे, सरकार हर चर्चा के लिए तैयार है। इसके लिए उन्होंने आज दोपहर 3 बजे से कल दोपहर 3 बजे तक का समय भी तय करने की बात कही।

Parliament deadlock continues-Rahul Gandhi responds- ‘We don’t care’: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह संसद में जारी गतिरोध पर पहली बार मीडिया के सामने आए। उन्होंने विपक्ष को चर्चा का खुला न्योता देते हुए कहा कि अगर विपक्ष तैयार हो तो सरकार हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है। शाह ने कहा, “मैं किसी भी चर्चा का जवाब देने के लिए तैयार हूं, लेकिन विपक्ष नहीं चाहता कि सदन के अंदर बहस हो। अब उन्हें तय करना है कि चर्चा चाहिए या हंगामा।” उन्होंने आज दोपहर 3 बजे से कल दोपहर 3 बजे तक का समय भी प्रस्तावित करते हुए कहा कि विपक्ष तैयार हो तो चर्चा करा ले, सरकार हर सवाल का जवाब देगी।

मैं नियमित रूप से संसद आ रहा हूं- शाह

अमित शाह ने विपक्ष के ‘गायब’ होने के आरोपों पर कहा कि वह सत्र शुरू होने के बाद से नियमित रूप से संसद आ रहे हैं और अपने चैंबर में मौजूद रहते हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष सदन नहीं चलने दे रहा है। शाह ने दोहराया कि सरकार छात्र आंदोलन और NEET समेत सभी मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार है, जिसकी जानकारी संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू पहले ही दे चुके हैं।

जनता तय करे कौन चर्चा से भाग रहा है- शाह

शाह ने कहा कि सरकार विपक्ष की मांग मान चुकी है और चर्चा के लिए समय भी तय कर दिया गया है। इसके बावजूद विपक्ष चर्चा नहीं चाहता। उन्होंने विपक्ष से कहा कि वह दोपहर 2 बजे तक स्पीकर को पत्र देकर चर्चा शुरू कराने की सहमति दे। शाह ने कहा, “मैं सदन में मौजूद रहूंगा, सभी की बातें सुनूंगा और हर सवाल का जवाब दूंगा। सरकार के पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है।”

राहुल गांधी का जवाब- ‘We Don’t Care’

उधर, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने अमित शाह के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “हमें अमित शाह के लेक्चर में कोई दिलचस्पी नहीं है। We Don’t Care.” राहुल ने कहा कि देश की युवा पीढ़ी जानना चाहती है कि छात्रों पर पैलेट किसने चलवाई, कीलों वाली लाठियों से पिटाई का आदेश किसने दिया और पिछले 20 दिनों से गृह मंत्री सदन में क्यों नहीं आए। उन्होंने कहा कि अगर इन घटनाओं की जिम्मेदारी अमित शाह की है तो उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए।

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