PM Modi halved the convoy: विश्व में चल रहे युद्ध का असर भारत के मंत्रालय में भी देखने को मिल रहा है। जिसके चलते प्रधानमंत्री Narendra Modi ने ईंधन बचत को बढ़ावा देने के लिए बड़ा फैसला लिया है। प्रधानमंत्री ने अपने आधिकारिक काफिले में शामिल वाहनों की संख्या 50 प्रतिशत तक कम कर दी हैं।
इसके साथ ही उन्होंने स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (SPG) से कहा है कि प्रधानमंत्री के काफिले में इलेक्ट्रिक वाहनों का इस्तेमाल बढ़ाया जाए। खास बात यह है कि इसके लिए नई गाड़ियां खरीदने के बजाय मौजूदा संसाधनों का ही बेहतर उपयोग करने पर जोर दिया गया है।
सूत्रों के अनुसार, एसपीजी ने ‘ब्लू बुक’ के तहत तय सुरक्षा नियमों का पालन करते हुए इन बदलावों को लागू करना शुरू कर दिया है। सुरक्षा व्यवस्था में किसी तरह की कमी न आए, इसका भी विशेष ध्यान रखा जा रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी पहले भी ऊर्जा संरक्षण और संसाधनों के जिम्मेदार उपयोग को लेकर लोगों को जागरूक करते रहे हैं। हाल ही में उन्होंने नागरिकों और कंपनियों से अनावश्यक यात्रा कम करने और ईंधन कम से कम उपयोग करने, सभी कंपनियों को वर्क फ्रॉम होम देने, स्कूल और कॉलेजेस की क्लासेस वर्चुअल करने की अपील की थी।
सार्वजनिक परिवहन का अधिक इस्तेमाल करने की अपील – सीएम Mohan Yadav
प्रधानमंत्री मोदी की इस पहल का असर अब भारत के जाति राज्यों में भी दिखाई देने लगा है। इस पहल के बाद मध्यप्रदेश के सीएम Mohan Yadav ने ईंधन बचत को लेकर बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि अब काफिलों में वाहनों की संख्या कम की जाएगी और दौरों के दौरान रैली संस्कृति को बढ़ावा नहीं दिया जाएगा। उन्होंने लोगों से सार्वजनिक परिवहन का अधिक इस्तेमाल करने की अपील भी की। इसके अलावा मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अपने सभी मंत्रियों के काफिलों को भी बैन करने का फैसला लिया है।
वहीं Yogi Adityanath ने भी प्रधानमंत्री मोदी की अपील के बाद बड़ा फैसला लिया है। उन्होंने राज्य के सभी सरकारी काफिलों में 50 प्रतिशत वाहन कटौती और अधिक से अधिक वर्चुअल बैठकों के आयोजन के निर्देश दिए हैं।
सरकार के इस कदम को सादगी, पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा बचत की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। इससे न सिर्फ ईंधन की बचत होगी, बल्कि लोगों को भी जिम्मेदारी के साथ संसाधनों के उपयोग का संदेश मिलेगा।
