फ्रांस दौरे पर PM मोदी, रक्षा, अंतरिक्ष सहित कई मुद्दों पर हो सकती है चर्चा

PM Modi On France Tour: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज से छ: दिवसीय फ्रांस दौरे पर हैं। जहां वह द्विपक्षी यात्रा और जी-7 नेताओं के शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। वह 13 और 14 जून को नीस में, 16 और 17 जून को शिखर सम्मेलन के लिए एवियन में और 17, 18 जून को पेरिस में रहेंगे। प्रधानमंत्री पद की पहली बार शपथ लेने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का फ्रांस का यह सातवां दौरा है।

यह यात्रा फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रो की 17–19 फरवरी की भारत यात्रा के बाद की जा रही है, जब दोनों देशों के संबंधों को विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी का दर्जा दिया गया था। बता दें कि फ्रांस यूरोप में भारत के सबसे पसंदीदा साझेदारों में से एक माना जाता है और रणनीतिक सहायता और सम्मान पर आधे आधारित यह रिश्ता पिछले कई दशकों में चरम पर है।

अपने फ्रांस के दौरे के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नीस में, पीएम मैक्रो के साथ मिलकर भारत इन्नोवेट कार्यक्रम का उद्घाटन करेंगे इस कार्यक्रम के दौरान भारत फ्रांस और दुनिया भर के बेहतरीन इनोवेशन स्टार्टअप एक साथ नजर आएंगे भारत फ्रांस इनोवेशन वर्ष के दौरान आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में 120 से ज्यादा भारतीय कंपनियों और स्टार्टअप के साथ फ्रांस और अन्य देशों के प्रमुख बिजनेस लीडर्स के शामिल होने की उम्मीद जताई जा रही है।

इस दौरे के दौरान 18 जून को पेरिस में यूरोप के सबसे बड़े टेक्नोलॉजी और स्टार्टअप कार्यक्रम वीबटेक समिट में भी पीएम मोदी शामिल होंगे भारतीय पवेलियन भी होगा जो इस साल सबमिट का सबसे बड़ा पवेलियन माना जा रहा है साथ ही G7 के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के शामिल होने के भी कयास लगाए जा रहे हैं जिस दौरान भारत के पास अपनी सुरक्षा और आर्थिक हितों को प्रभावित करने वाले मुद्दों पर चिंतन सहित करने का मौका मिलेगा।

रक्षा: भारत और फ्रांस के बीच रक्षा सहयोग बहुत गहरा और व्यापक है, जिसमें हवाई और नौसैनिक संसाधनों से लेकर हेलीकॉप्टर इंजन और मिसाइलें तक शामिल हैं। सहयोग के कुछ प्रमुख उदाहरणों में राफेल विमान, स्कॉर्पीन पनडुब्बियां और शक्ति हेलीकॉप्टर इंजन शामिल हैं।

अंतरिक्ष: इस क्षेत्र में, ISRO और फ्रांस की राष्ट्रीय अंतरिक्ष एजेंसी CNES के बीच छह दशकों से चले आ रहे सहयोग की एक समृद्ध विरासत है। इसकी मुख्य बातों में संयुक्त लॉन्च, मेघा-ट्रॉपिक्स (Megha-Tropiques) और SARAL जैसे उपग्रहों का विकास, और भारत के मानव अंतरिक्ष उड़ान मिशन ‘गगनयान’ में सहयोग शामिल है। दोनों देश एक और उपग्रह मिशन, TRISHNA पर भी विचार कर रहे हैं।

परमाणु: ‘भारत को बदलने के लिए परमाणु ऊर्जा का टिकाऊ उपयोग और विकास’ (SHANTI) अधिनियम के पारित होने से, भारतीय और फ्रांसीसी उद्योगों के बीच सहयोग का एक बड़ा अवसर पैदा हुआ है। स्मॉल मॉड्यूलर रिएक्टर/एडवांस्ड मॉड्यूलर रिएक्टर के मामले में, भारत और फ्रांस ने फरवरी 2025 में इस क्षेत्र में सहयोग के लिए ‘इरादे की घोषणा’ (Declaration of Intent) पर हस्ताक्षर किए।

Srishti
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