Senior Uttarakhand BJP Leader Passes Away : उत्तराखंड भाजपा के वरिष्ठ नेता, पूर्व दर्जा राज्यमंत्री और पूर्व प्रदेश प्रवक्ता वीरेंद्र सिंह बिष्ट का निधन हो गया है। बताया जा रहा है कि वीरेंद्र सिंह बिष्ट लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे थे। उनके निधन की खबर से उत्तराखंड के राजनीतिक गलियारों और भाजपा संगठन में शोक की लहर दौड़ गई है। पार्टी नेताओं ने उनके निधन पर दुख जताया है। साथ ही उनके परिवार को सांत्वना दी है।
उनके निधन पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, पूर्व मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक, और भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने गहरी संवेदनाएं व्यक्त की हैं। नेताओं ने उनके निधन को भाजपा परिवार और समाज के लिए एक अपूरणीय क्षति बताया है।
सीएम धामी ने जताया शोक
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वीरेंद्र सिंह बिष्ट के निधन पर अपने सोशल मीडिया अकाउट एक्स पर पोस्ट किया। सीएम धामी ने कहा वीरेंद्र सिंह बिष्ट का निधन भाजपा संगठन के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्हें ईश्वर अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें। साथ ही शोकाकुल परिजनों को इस असीम दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करे।
वहीं बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा वीरेंद्र सिंह बिष्ट संगठन के प्रति सदैव समर्पित एवं निष्ठावान कार्यकर्ता रहे। उनका निधन भाजपा परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है।
पूर्व केंद्रीय मंत्री और उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने लिखा वीरेंद्र सिंह बिष्ट का निधन भाजपा संगठन के साथ-साथ समाज के लिए भी अपूरणीय क्षति है।
बता दे वीरेंद्र सिंह बिष्ट उत्तराखंड भाजपा के एक बेहद सम्मानित और वरिष्ठ नेता थे, जिन्होंने राज्य की राजनीति और संगठन के विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वहीं आज यानी 3 सितंबर 2026 को उनका निधन हो गया, जिसके बाद से प्रदेश और भाजपा संगठन में शोक की लहर है।
सुलझे हुए नेता माने जाते थे वीरेंद्र सिंह बिष्ट
वीरेंद्र सिंह बिष्ट ने लंबे समय तक भारतीय जनता पार्टी (BJP) उत्तराखंड के प्रदेश प्रवक्ता के रूप में कार्य किया था। इसके अलावा, वह राज्य सरकार में पूर्व दायित्वधारी (दर्जा राज्यमंत्री) भी रह चुके थे। उन्हें भाजपा संगठन के प्रति बेहद समर्पित, अनुशासित और निष्ठावान कार्यकर्ता माना जाता था। पार्टी के शुरुआती दिनों से लेकर उसे मजबूत बनाने तक उन्होंने कई महत्वपूर्ण संगठनात्मक जिम्मेदारियां निभाईं। वह अपने बेहद सरल, सहज और सौम्य स्वभाव के लिए जाने जाते थे। राजनीतिक गलियारों में उनकी पहचान एक शांत और विवादों से दूर रहने वाले सुलझे हुए नेता के रूप में थी।
आपको बता दे वीरेंद्र सिंह बिष्ट लंबे समय से गंभीर रूप से बीमार चल रहे थे, जिससे इलाज के दौरान देहरादून में उन्होंने अंतिम सांस ली।
