Shiv Sena (UBT) suffers major Setback : महाराष्ट्र की राजनीति में शिवसेना यानी UBT को बड़ा झटका लगा है, चार साल में दूसरी बार UBT को बगावत का सामना करना पड़ रहा है। बता दे पार्टी के 9 में से 6 लोकसभा सांसदों (संजय जाधव, संजय देशमुख, नागेश पाटिल, भाऊसाहेब वाकचौरे, संजय दीना पाटिल और ओमराजे निंबालकर) ने पार्टी से बगावत के दी है। 2022 में एकनाथ शिंदे ने पार्टी छीन ली थी और अब 6 लोकसभा सांसदों ने बगावत कर दी है।
उद्धव ठाकरे द्वारा 18 जून यानि गुरुवार को दिल्ली में संसदीय दल की बैठक बुलाई गई थी, बैठक में 9 में से केवल 3 सांसद अनिल देसाई, अरविंद सावंत और राजभाऊ वाजे ही पहुंचे। वही बागी सांसद लोकसभा स्पीकर को पत्र सौंपकर एकनाथ शिंदे गुट में शामिल होने की तैयारी कर रहे है।
शिवसेना का गठन 1966 में हुआ था
बैठक के बाद पत्रकारों से बात करते हुए सांसद संजय राउत ने कहा कि इन 6 सांसदों का बैठक में शामिल न होना पार्टी के निर्देशों का उल्लंघन है, जिस पर उनसे स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। पार्टी की बैठक से नदारद रहने वाले 6 सांसदों को शिवसेना (UBT) द्वारा कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया।
खबरों के अनुसार इन 6 सांसदों ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को एक पत्र सौंपकर अलग गुट के तौर पर मान्यता मांगी है और शिंदे गुट के साथ जुड़ने के संकेत दिए है।
शिवसेना का गठन 1966 में बालासाहेब ठाकरे ने किया था। शिवसेना अपने सियासी इतिहास में छह बार टूट चुकी है और एक बार फिर उद्धव ठाकरे के 9 में से 6 लोकसभा सांसद अलग होकर एकनाथ शिंदे से हाथ मिलाने की तैयारी में है। बता दे एकनाथ शिंदे के विद्रोह के बाद यह चार साल में दूसरी बड़ी बगावत है। एकनाथ शिंदे के बगावत के बाद उद्धव ठाकरे ने किसी तरह से शिवसेना UBT बनाया, लेकिन 4 साल के बाद अब उनके 6 लोकसभा सांसद बागी हो चुके हैं यह उद्धव ठाकरे की सियासत के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है।
