Sub Committee Formed For Panchayat Election : उत्तराखंड में पंचायत चुनावों की तैयारियों के बीच सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। OBC आरक्षण से जुड़े नियमों की समीक्षा के लिए अब तीन मंत्रियों की एक विशेष उपसमिति बनाई गई है। यह समिति 7 जून को पहली बैठक करेगी और रिपोर्ट तैयार करने की जिम्मेदारी निभाएगी।
आपको बता दें, राज्य सरकार ने पंचायतों में तैनात प्रशासकों का कार्यकाल बढ़ाने के लिए एक नियम (अध्यादेश) लाने की कोशिश की थी, लेकिन राज्यपाल ने उसे मंजूरी नहीं दी और वापस लौटा दिया। अब सरकार मुश्किल में है, क्योंकि चुनाव की तैयारियां रुक गई हैं और पंचायतों में कामकाज भी ठप हो गया है।
ओबीसी आरक्षण के बिना पंचायत चुनाव कराना संभव नहीं है। ऐसे में सरकार अब वर्मा आयोग की रिपोर्ट के आधार पर आरक्षण तय करने की कोशिश में है। इसी उद्देश्य से यह समिति गठित की गई है, जिसमें रेखा आर्या, सुबोध उनियाल और सौरभ बहुगुणा शामिल हैं।बैठक की अध्यक्षता केबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल द्वारा की जाएगी।
समिति को जल्द देनी होगी रिपोर्ट
सरकार ने समिति को 15 दिनों के भीतर अपनी सिफारिशें देने का निर्देश दिया है, ताकि चुनावों की प्रक्रिया तय समय पर शुरू हो सके। समिति की रिपोर्ट के बाद ही ओबीसी आरक्षण को लेकर स्पष्ट नीति बनाई जा सकेगी।
चुनाव प्रक्रिया रुकी
ग्राम पंचायतों के प्रशासकों का कार्यकाल 28 मई, क्षेत्र पंचायतों का 30 मई और जिला पंचायतों का 1 जून को समाप्त हो चुका है। ऐसे में जब तक अध्यादेश को मंजूरी नहीं मिलती, न तो नए प्रशासक तैनात किए जा सकते हैं और न ही चुनाव कराए जा सकते हैं। इसलिए 7 जून की बैठक बेहद अहम मानी जा रही है, जो पंचायती व्यवस्था का भविष्य तय कर सकती है।

