MKUVRY योजना के तहत सच हो रहा युवाओं का विदेश में नौकरी करने का सपना..

Under the MKUVRY scheme youth work in abroad : उत्तराखंड के युवाओं के लिए एक बड़ी खबर सामने आ रही है युवाओं के लिए विदेश में रोजगार पाना महज एक सपना नहीं बल्कि हकीकत बन गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पहल “मुख्यमंत्री कौशल उन्नयन एवं वैश्विक रोजगार योजना” (MKUVRY scheme) राज्य की युवाओं के लिए विदेश में करियर बनाने का एक जरिया बनकर उभरी है।

साल 2023 से अब तक योजना के माध्यम से 123 युवाओं ने न केवल विदेश में नौकरी हासिल की है बल्कि वह आत्मनिर्भरता की नई मिसाल भी पेश कर रहे हैं। इस योजना के तहत देश के युवाओं का चयन अलग-अलग देश जापान,जर्मनी ,सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात जैसे देशों में चयन हुआ है। साथ ही विदेशी बाजार की जरूरत के हिसाब से युवाओं को संबंधित देशों की भाषाओं में दक्ष बनाया जा रहा है और सेवायोजन कार्यालय में जर्मन और जापानी भाषा की विशेषताएं भी संचालित की जा रही है इसके अलावा बागेश्वर और अल्मोड़ा में ऑनलाइन माध्यम से प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

100 से अधिक युवाओं को विदेश में रोजगार मिल चुका

योजना की सफलता का अंदाज राज्य की युवा सपना राणा ने केवल जर्मनी में नर्स के पद पर नौकरी पाकर 3.30 लाख रुपए मानसिक वेतन हासिल कर बाकी युवाओं के लिए प्रेरणा भी बनी है। साथ ही युवा का मानना है कि सही मार्गदर्शन और कौशल विकास से आज उत्तराखंड का कोई भी युवा वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बन सकता है।

क्षेत्रीय सेवायोजन अधिकारी ममता चौहान नेगी का कहना है कि मुख्यमंत्री धामी कि यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर और ग्रामीण पृष्ठभूमि के प्रतिभाशाली युवाओं के लिए किसी वरदान से काम नहीं है जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपना भविष्य सवारना चाहते हैं। वही इस योजना के तहत अब तक 100 से अधिक युवाओं को विदेश में रोजगार मिल चुका है जिससे युवाओं को अंतरराष्ट्रीय अवसर प्राप्त हो रहे हैं।

Srishti
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