woman missing from Uttarkashi Bugyal, search operation by administration: पिछले कुछ दिनों विश्व प्रसिद्ध दयारा बुग्याल पर गई एक 24 वर्षीय महिला बबीता पांडे जो 10 सदस्यीय ट्रैकर दल के साथ स्थानीय ट्रैकिंग एजेंसी के माध्यम से दायरा बुग्याल ट्रैकर पर पहुंची थी जहां 29 मई की रात को गोई कैंप क्षेत्र में ठहराव किया था। जिस दौरान बबीता पांडे टेंट से बाहर निकली लेकिन उसके बाद वापस नहीं लौटी। सुबह जब ट्रैकिंग एजेंसी और दल ने बबीता को कैंप में नहीं पाया तो खोजबीन शुरू की और उसकी सूचना वन विभाग और प्रशासन को दी इसके बाद तत्काल खोज अभियान शुरू किया गया।
सीआरपीएफ और वन विभाग पुलिस के दौरान आसपास के जंगलों पैदल मार्ग और संभावित क्षेत्रों में लगातार सर्च ऑपरेशन चल रहा है लेकिन अभी तक महिला का पता नहीं लग पाया है। दयारा बुग्याल उत्तराखंड की ट्रैकिंग स्थलों में से एक है जो उतरकाशी जिले के पटवारी तहसील में मौजूद है जो अपनी सुरमई बुग्याल यानी घास के मैदान के लिए प्रसिद्ध है जहां हर साल देश विदेश से पर्यटक ट्रैक करने आते हैं। दो सप्ताह बीतने के बाद भी सर्च अभियान जारी है लेकिन अभी तक बबीता पांडे का कोई सुराग नहीं मिल पाया है। प्रशासन द्वारा जांच बढ़ा दी गई है हेलीकॉप्टर की मदद से क्षेत्र की निगरानी की जा रही है साथ ही प्रशासन ट्रैकिंग मार्गो से आगे बढ़कर खोज कर रही है इसके बावजूद अब तक कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लगा है जिससे रहस्य और गहरा होता जा रहा है।
वही लापता होने के मामले में स्थानीय स्तर पर कई तरह की चर्चाएं हो रही है क्षेत्र के पूर्व प्रधान महेंद्र पोखरियाल का कहना है की कुछ लोग हत्या कर सबको दफनाने जैसी आशंकाएं जाता रहे हैं लेकिन ऐसा करना आसान नहीं है इसके लिए खुदाई और अन्य उपकरणों की आवश्यकता होती है यदि बबीता कहीं गई है तो वह अपने पैरों पर चलकर गई है आज के समय में कई संभावनाएं हो सकती है लेकिन जब तक वह नहीं मिल जाती तब तक उन्हें जीवित मानकर ही खोज जारी रखनी चाहिए। बताया जा रहा है कि मामले में जांच के दौरान ट्रैकिंग और कैंपिंग एजेंसी की लापरवाही भी है।
उत्तरकाशी के जिला पर्यटन अधिकारी के अनुसार एजेंसी नेटवर्क पर गई लोगों का पंजीकरण सही तरीके से नहीं किया साथ ही कुछ नाम में भी अनियमिताएं पाई गई जिसे गंभीर चूक मानते हुए संबंधित एजेंसी का लाइसेंस रद्द कर दिया गया है विभाग द्वारा आगे की कार्रवाई भी की जा रही है। साथ ही पुलिस अध्यक्ष कमलेश उपाध्याय का कहना है कि मामले की जांच के लिए विशेष टीम गठित की गई है टीम क्षेत्र के सीसीटीवी फुटेज मोबाइल कॉल ,डिटेल रिकॉर्ड और अन्य तकनीकी पहलुओं की जांच कर रही है। प्रशासन किसी एक संभावना तक सीमित नहीं है और हर कौने से मामले की जांच कर रही है।
