UKD is preparing for the Assembly Elections : उत्तराखंड क्रांति दल अगले साल 2027 होने वाले विधानसभा चुनावों की तैयारियों में जुट गया है। यूकेडी पूरी तैयारियों के साथ पूर्व सैनिकों को चुनावी मैदान में उतारे में लगा है, और साथ ही सदस्यता अभियान के जरिये अपने कुनबे मे शामिल कर रही है। वहीं यूकेडी का दावा है कि हाल के दिनों में कुमाऊं से लेकर गढ़वाल तक के लगभग 14 से 15 सेवानिवृत सैन्य अधिकारी और भारी संख्या में पूर्व सैनिक यूकेडी के संपर्क में आए हैं और पार्टी से लगातार जुड़ रहे हैं।
उत्तराखंड से बड़ी मात्रा में सेना में भर्ती होते है लोग
केंद्रीय सैनिक प्रकोष्ठ के अध्यक्ष महिपाल सिंह पुंडीर का कहना है कि पारंपरिक रूप से पूर्व सैनिक राजनीति में आने से कतराते थे, लेकिन उत्तराखंड की वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए अब वह प्रदेश के नवनिर्वाण के लिए आगे आ रहे हैं।
बता दे उत्तराखंड से बड़ी मात्रा में लोग सेना में भर्ती होते है, जहां लगभग हर घर और मोहल्ले में कोई ना कोई सेना में अपनी सेवाएं देता है। यूकेडी का कहना है कि यूकेडी के बैनर तले पूर्व सैनिक आने वाले चुनाव में कमांडो की भूमिका निभाने जा रहे हैं।
यूकेडी का जन्म 25 जुलाई 1979 को नैनीताल में हुआ
वहीं उत्तराखंड क्रांति दल के केंद्रीय अध्यक्ष सुरेंद्र कुकरेती का कहना है कि पूर्व सैनिक उत्तराखंड क्रांति दल के साथ मिलकर एकजुट हो रहे हैं, जिसके बाद इन्होंने अब दल को भी समर्पण भाव व अनुशासन मे रहने का पाठ पढ़ा दिया है।
उनका कहना है कि उत्तराखंड क्रांति दल का जन्म 25 जुलाई 1979 को नैनीताल में हुआ था, तब से लेकर अब तक दल जल, जंगल, जमीन, पलायन बेरोजगारी जैसे ज्वलंत मुद्दों की लड़ाई लड़ रहा है। इसी पीड़ा को लेकर काफी संख्या में पूर्व सैनिकों ने दल का दामन थामा है। जब समान विचारधारा आपस में मिलती हैं तो निश्चित रूप से उस पीड़ा का इलाज होना आवश्यक हो जाता है।
