7 Years Of Abrogation Of Article 370 From J&K: जम्मू–कश्मीर की तकदीर बदले आज 7 साल पूरे हो चुके है। साल 2019 में आज ही के दिन जम्मू–कश्मीर से आर्टिकल 370 और धारा 35A को खत्म किया गया था। यह बीजेपी सरकार के कार्यकाल की सबसे बड़ी उपलब्धि मानी जाती है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगवाई में एनडीए की दूसरी सरकार आने के बाद कुछ ही महीना के बाद जम्मू कश्मीर में को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले Article 370 और धारा 351 को खत्म कर दिया गया था। यह भारतीय राजनीति के इतिहास में सबसे सीक्रेट रणनीतिक मिशन में से एक माना जाता है। इस पूरे मिशन की जानकारी पीएम मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, समेत कुछ ही चुनिंदा लोगों तक सीमित थी, इस पूरे मिशन की किसी को कानून खबर नहीं लगी।
क्या है धारा 370 (Article 370)
370 धारा संविधान का एक ऐसा अस्थाई प्रावधान था, जिसमें जम्मू कश्मीर को भारत के अन्य राज्यों की तुलना में एक विशेष स्वायत्त दर्जा मिला हुआ था। भारत को आजादी मिलने के कुछ समय बाद 26 अक्टूबर 1947 में यह प्रावधान जम्मू कश्मीर पर लागू हुआ था, जो 5 अगस्त 2019 तक जारी रहा। इसमें जम्मू कश्मीर का अपना एक अलग संविधान था और राज्य का एक अलग झंडा भी था। रक्षा, विदेश, वित्त और संचार को छोड़कर अन्य सभी विषयों पर केंद्रीय कानून लागू करने के लिए जम्मू कश्मीर राज्य विधानसभा की मंजूरी लेनी अनिवार्य थी। इसके साथ ही इस प्रावधान के तहत गए गैर जम्मू कश्मीर मूल निवासी चल संपत्ति, जमीन, मकान जम्मू कश्मीर में नहीं खरीद सकते थे और ना ही राज्य सरकार की नौकरियों के लिए पात्र थे। इस प्रावधान के तहत जम्मू कश्मीर में आरटीई संपत्ति का अधिकार जैसे भारतीय संविधान के तमाम प्रावधान भी लागू नहीं थे।
Article 370 हटाने के बाद बदलाव
अनुच्छेद 370 हटाने के बाद जम्मू कश्मीर को दिया गया विशेष राज्य का दर्जा समाप्त हो गया। 2019 के बाद भारतीय संविधान पूरी तरह से जम्मू कश्मीर में लागू हो गया। जम्मू कश्मीर के लिए अलग संविधान और अलग झंडा की व्यवस्था भी खत्म हो गई। गैर जम्मू कश्मीर निवासी भी कुछ शर्तों के साथ जम्मू कश्मीर में जमीन खरीद सकते हैं। जम्मू कश्मीर के नागरिक भी अब दूसरे राज्यों की नौकरियों के लिए आवेदन कर पाए। जम्मू कश्मीर को दो केंद्र शासित प्रदेशों में बांटा गया जम्मू और कश्मीर विधानसभा के साथ और लद्दाख पूर्ण केंद्र शासित प्रदेश के तौर पर। जहां पहले जम्मू कश्मीर में अक्सर पथराव की घटना सामने आती थी वहीं अनुच्छेद 370 हटाने के बाद जम्मू कश्मीर के युवा भारतीय सेना में शामिल हुए। जम्मू कश्मीर में आतंकी घटनाओं में भी कमी आई।
