BDA tightens its grip on Rekha Arya’s farmhouse: उत्तराखंड की महिला कल्याण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या का बरेली स्थित आलीशान तिमंजिला ड्रीम फार्म हाउस अब बरेली विकास प्राधिकरण (BDA) की जांच के घेरे में आ गया है। बता दे मंत्री रेखा आर्या और उनके पति गिरधारी लाल साहू (पप्पू गिरधारी) के बीच शुरू हुए गंभीर पारिवारिक और कानूनी विवाद के बाद यह अवैध निर्माण का मामला सुर्खियों में आया है। बरेली के इज्जतनगर क्षेत्र के लालपुर गांव (बरेली-सीतापुर हाईवे) में करीब 12 हजार वर्ग मीटर में यह आलीशान परिसर फैला हुआ है। BDA की जांच में सामने आया है कि इस भव्य तीन मंजिला कोठी, गेस्ट हाउस और स्विमिंग पूल का नक्शा स्वीकृत नहीं है।
इस निर्माण को वैध कराने के लिए साल 2024 में मैसर्स कृष्णा-वैष्णवी प्राइवेट लिमिटेड कंपनी की ओर से संशोधित शमन मानचित्र के लिए आवेदन किया गया था। हालांकि, कमियों को दूर न करने और निर्धारित शमन शुल्क जमा न किए जाने के कारण प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। वहींं साल 2025 में फिर से नई अर्जी दी गई, जिसकी BDA के अभियंता जांच कर रहे हैं।
दस्तावेजों के मुताबिक, इस 12 हजार वर्ग मीटर परिसर में से करीब 3,300 वर्ग मीटर भूमि का बैनामा खुद कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या के नाम पर दर्ज है। बाकी जमीन कृष्णा वैष्णवी इंटरप्राइजेज के नाम पर है, जिसमें शेयरधारिता का जिक्र रेखा आर्या ने अपने चुनावी हलफनामे में भी किया है। वहीं 15 अक्टूबर 2026 को मंत्री रेखा आर्या ने देहरादून में अपने पति पप्पू गिरधारी के खिलाफ उत्पीड़न, धोखाधड़ी और जान से मारने की साजिश रचने का मुकदमा दर्ज कराया था।
जब पुलिस पप्पू गिरधारी की तलाश में बरेली पहुंची, तब इस भव्य ‘महल’ जैसी कोठी पर BDA का ध्यान गया और प्राधिकरण ने फाइलें निकलवाकर दस्तावेजों व भौतिक सत्यापन की जांच तेज कर दी। BDA के विशेष कार्याधिकारी के अनुसार, वर्तमान में जमीन और निर्माण से संबंधित सभी अभिलेखों की गहनता से पड़ताल की जा रही है, जिसके बाद आगे की वैधानिक कार्रवाई तय होगी।
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