SIR के बाद मतदाता सूची में जुड़ेंगे छूटे और नए नाम, राज्यों में विशेष अभियान चलाएगा EC…

After SIR, missing and new names will be added to the voter list: चुनाव आयोग ने Special Intensive Revision (SIR) पूरी कर चुके 20 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में मतदाता सूची से छूट गए लोगों और पहली बार मतदान करने वाले युवाओं के नाम जोड़ने के लिए विशेष अभियान शुरू करने का निर्देश दिया है। आयोग के मुताबिक, जिन पात्र मतदाताओं का नाम SIR के दौरान छूट गया या हट गया है, वे अब सामान्य प्रक्रिया के तहत दोबारा नाम जुड़वा सकते हैं। इसके लिए Form 6 के जरिए आवेदन किया जा सकेगा। 

इस अभियान में Booth Level Officers (BLOs) की अहम भूमिका होगी। अधिकारियों को पुरानी और मौजूदा मतदाता सूचियों का मिलान कर छूटे हुए पात्र मतदाताओं की पहचान करने, घर-घर जाकर सत्यापन करने और जरूरत पड़ने पर Form 6 उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। चुनाव आयोग ने कहा है कि मतदाता पंजीकरण एक निरंतर प्रक्रिया है और SIR के बाद भी कोई पात्र नागरिक अपना नाम मतदाता सूची में शामिल करा सकता है।

आयोग का यह निर्देश 29 सितंबर 2026 के पत्र के बाद आया और 1 अक्टूबर को सभी राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों के साथ हुई वीडियो कॉन्फ्रेंस में इसे दोहराया गया। जिन राज्यों में SIR पूरा हो चुका है, वहां SIR के दौरान इस्तेमाल किए गए अतिरिक्त घोषणा-पत्र की जगह सामान्य वैधानिक Form 6 से नाम जोड़ने की व्यवस्था लागू होगी। 26 सितंबर को आयोग ने यह भी कहा था कि SIR के दौरान नोटिस पाने वाले लोगों के दस्तावेज लेने के लिए BLO उनके घर जा सकते हैं और जरूरत के अनुसार विशेष कैंप व हेल्प डेस्क लगाए जाएंगे। 

तमिलनाडु में भी राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने विशेष अभियान की घोषणा की है। Election Commission of India का यह कदम ऐसे समय आया है जब SIR के दौरान मतदाता सूची से नाम छूटने को लेकर राजनीतिक दलों और अन्य समूहों ने सवाल उठाए हैं। चुनाव आयोग का कहना है कि अभियान का उद्देश्य पात्र मतदाताओं की पहचान कर उन्हें सूची में शामिल करने की सुविधा देना है, ताकि कोई पात्र नागरिक केवल SIR के दौरान नाम शामिल न हो पाने के कारण मतदाता सूची से बाहर न रहे।

Aarti Rawat
Aarti Rawat