Air India cracks down on pilot’s negligence: Air India ने 4 अगस्त 2026 की Phuket-Delhi फ्लाइट के Pilot-in-Command (PIC) की नौकरी तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी है। यह कार्रवाई उस समय सामने आई जब Aircraft Accident Investigation Bureau (AAIB) की प्रारंभिक जांच में पायलट का confirmatory test एक psychoactive substance के लिए non-negative पाया गया। Air India ने कहा कि सुरक्षा उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और safety, fitness या regulatory requirements के उल्लंघन को लेकर उसकी zero-tolerance policy है।
36 हजार फीट की ऊंचाई पर अचानक नीचे आया विमान
दरअसल, 4 अगस्त को Air India की Airbus A320 फ्लाइट Phuket से New Delhi जा रही थी। विमान में 137 यात्री और 8 क्रू सदस्य सवार थे। करीब 36,000 फीट की ऊंचाई पर विमान में अचानक गंभीर तकनीकी समस्या आई और वह कुछ समय के लिए लगभग 300 फीट नीचे चला गया। इस घटना में यात्रियों और क्रू के कुल 24 लोग घायल हुए। विमान बाद में नियंत्रण में आया और सुरक्षित रूप से दिल्ली में उतरा। जांच में सामने आया कि विमान की तीनों hydraulic systems ने कुछ समय के लिए दबाव खो दिया था, जिससे autopilot और कुछ flight controls प्रभावित हुए।
पायलट के ड्रग टेस्ट ने बढ़ाई चिंता
AAIB की प्रारंभिक रिपोर्ट में विमान की तकनीकी समस्या के साथ Pilot-in-Command के psychoactive substance test के परिणाम को भी गंभीर चिंता के रूप में दर्ज किया गया। रिपोर्ट में पदार्थ का नाम सार्वजनिक रूप से नहीं बताया गया है, हालांकि मीडिया रिपोर्टों में इसे marijuana बताया गया है। महत्वपूर्ण बात यह है कि जांच एजेंसियों ने अभी तक यह निष्कर्ष नहीं निकाला है कि पायलट के substance use और विमान में आई तकनीकी खराबी के बीच कोई सीधा संबंध था। मामले की विस्तृत जांच अभी जारी है।
Air India का Zero-Tolerance एक्शन
AAIB ने Directorate General of Civil Aviation (DGCA) से psychoactive substances के दुरुपयोग को रोकने के लिए प्राथमिकता के आधार पर उचित कार्रवाई करने को कहा है। घटना के बाद Air India ने अपने सभी पायलटों के लिए mandatory substance testing शुरू करने की भी बात कही है। सरकार और DGCA भी पायलटों की drug testing व्यवस्था को और सख्त करने पर विचार कर रहे हैं। इस पूरे मामले ने एक बार फिर विमानन क्षेत्र में पायलटों की fitness, safety compliance और drug testing को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
