BRICS Summit: पीएम मोदी ने टेक्नोलॉजी और क्रिटिकल मिनरल्स के हथियार के रूप में इस्तेमाल पर जताई चिंता…

BRICS Summit: PM Modi expresses concern: नई दिल्ली में आयोजित 18वें BRICS Summit सम्मेलन का समापन रविवार को हुआ। सम्मेलन के समापन सत्र में पीएम नरेंद्र मोदी ने वैश्विक स्तर पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव, सप्लाई चेन में आ रही रुकावटों और जलवायु संकट को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि आज की परस्पर जुड़ी दुनिया में किसी एक क्षेत्र में पैदा हुआ संकट लंबे समय तक केवल उसी क्षेत्र तक सीमित नहीं रहता। पीएम मोदी ने विशेष रूप से टेक्नोलॉजी और क्रिटिकल मिनरल्स के हथियार के रूप में इस्तेमाल को साझा वैश्विक प्रगति के लिए  बाधा बताया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि ब्रिक्स देशों को ऐसी व्यवस्था बनाने पर जोर देना चाहिए, जिसमें टेक्नोलॉजी तक समावेशी और समान पहुंच सुनिश्चित हो तथा महत्वपूर्ण खनिजों की सप्लाई चेन मजबूत और भरोसेमंद बने। क्रिटिकल मिनरल्स आधुनिक तकनीक, इलेक्ट्रॉनिक्स, स्वच्छ ऊर्जा और कई रणनीतिक उद्योगों के लिए बेहद अहम हैं। ऐसे में इन संसाधनों या तकनीकी क्षमताओं को भू-राजनीतिक दबाव के साधन के तौर पर इस्तेमाल करने से वैश्विक आपूर्ति व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। पीएम मोदी ने इसके बजाय सहयोग, लचीली सप्लाई चेन और साझा विकास पर जोर दिया।

ब्रिक्स सम्मेलन में भारत की प्राथमिकताओं में टेक्नोलॉजी, नवाचार, आपूर्ति श्रृंखला की मजबूती और सतत विकास प्रमुख रहे। पीएम मोदी ने ब्रिक्स स्टार्टअप इनोवेशन फंड, लॉजिस्टिक्स सप्लाई चेन सहयोग ढांचे और डिजिटल कृषि नेटवर्क जैसी पहलों का भी उल्लेख किया। डिजिटल कृषि में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, जियोस्पेशियल टेक्नोलॉजी और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के इस्तेमाल के जरिए किसानों की जरूरतों के अनुरूप समाधान विकसित करने पर जोर दिया गया। इसके अलावा, संक्रामक बीमारियों से निपटने के लिए ब्रिक्स इंटीग्रेटेड अर्ली वार्निंग सिस्टम और आपदा प्रबंधन से जुड़ी गाइडलाइंस पर भी सहमति बनी।

समापन संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि ब्रिक्स का सहयोग केवल बैठकों और घोषणाओं तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसका वास्तविक लाभ आम लोगों तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने ग्लोबल साउथ की जरूरतों के अनुरूप तकनीकी और विकासात्मक समाधानों को सुलभ बनाने की जरूरत पर बल दिया। सम्मेलन के दौरान सदस्य देशों ने वैश्विक शासन व्यवस्था में सुधार, आपूर्ति श्रृंखलाओं की मजबूती, खाद्य और ऊर्जा सुरक्षा तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर भी जोर दिया। भारत की अध्यक्षता के बाद ब्रिक्स की अगली अध्यक्षता चीन को सौंपी गई l

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