Fraud of lakhs by posing as an IAS officer Vlog: मध्य प्रदेश में खुद को IAS अधिकारी और MP Tourism Department की Additional Director बताकर लोगों से कथित तौर पर ठगी करने वाली महिला के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। आरोपी Tripti Singh Rajput पर सरकारी नौकरी, पर्यटन विभाग की संपत्तियों की लीज और अधिकारियों तक पहुंच दिलाने के नाम पर लोगों से पैसे लेने का आरोप है। पुलिस के मुताबिक, उसने अपनी पहचान को सही साबित करने के लिए फर्जी सरकारी दस्तावेजों और अन्य सामान का इस्तेमाल किया।
मामला तब चर्चा में आया जब Tripti और दो अन्य महिलाओं का एक वीडियो सामने आया, जिसमें वे खुद को IAS अधिकारी बताते हुए मध्य प्रदेश विधानसभा जाने की बात करती दिखाई दीं। पुलिस जांच में सामने आया कि वीडियो विधानसभा परिसर में नहीं, बल्कि Anthropological Museum complex की एक gallery में बनाया गया था। वीडियो में शामिल दोनों महिलाओं ने कथित तौर पर पुलिस को बताया कि Tripti ने उन्हें IAS अधिकारियों की तरह अभिनय करने के लिए कहा था।
पुलिस के अनुसार, चंदेरी में चार लोगों ने सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर कथित तौर पर 9.80 लाख रुपये दिए और अपने मूल दस्तावेज भी सौंपे। इसके अलावा भोपाल में एक अन्य शिकायत में Tripti, उसके भाई Sudhanshu और एक अन्य व्यक्ति पर MP Tourism होटल की लीज दिलाने के नाम पर करीब 49 लाख रुपये लेने का आरोप लगाया गया है। पुलिस ने जांच के दौरान कथित सरकारी ID cards, letterheads, joining documents और trainee IAS से जुड़े mementoes भी बरामद किए हैं।
Tripti Singh Rajput और उसके भाई Sudhanshu को पुलिस ने 23 अगस्त 2026 को गिरफ्तार किया था। पुलिस को उसके घर से एक कथित फर्जी CBI identity card भी मिला है और लैपटॉप, मोबाइल फोन तथा वित्तीय लेन-देन की जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि मामले में और कितने लोग शामिल हैं और क्या आरोपी ने civil-service aspirants से भी संपर्क किया था।
फिलहाल मामले की जांच जारी है और पुलिस ने धोखाधड़ी, पहचान की गलत प्रस्तुति तथा आपराधिक साजिश से जुड़े आरोपों में कार्रवाई की है। आरोप अभी जांच के स्तर पर हैं और अदालत में साबित होना बाकी है। इसलिए आरोपी को दोषी नहीं, बल्कि आरोपों का सामना कर रही व्यक्ति के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
