Uttarakhand: पर्यटकों के लिए अच्छी खबर, अब बुग्यालों में कर सकेगें नाइट स्टे..

Good news for Uttarakhand tourists : उत्तराखंड के बुग्यालों का दीदार करने और वहां नाइट स्टे की चाह रखने वाले पर्यटकों के लिए एक अच्छी खबर सामने आ रही है। बता दे पिछले आठ सालों से बुग्यालों पर लगे नाइट स्टे प्रतिबंध अब सर्वोच्च न्यायालय के महत्वपूर्ण निर्देशों के बाद हटा लिया गया है। वहीं डीएफओ ने अपने 27 जुलाई के पत्र में क्षेत्रीय वन अधिकारी से न्यायालय के निर्देशों का पालन करने के आदेश दिए।

उत्तराखंड उच्च न्यायालय नैनीताल ने अली वेदनी बुग्याल संरक्षण समिति के रिट पर साल 2018 को बुग्यालों में पर्यटकों के रुकने, टेंट लगाने और रात बिताने पर प्रतिबंध लगाया था। यह रोक पर्यावरण संरक्षण और बुग्यालों में घटती हरियाली को देखते हुए लगाया गया था।

पर्यटकों के ठहरने के लिए होम स्टे बनाए गए

युवाओं ने बेस कैंप लोहाजंग से वाण, दीदना, लोहाजंग, वांक, कुलिंग, मुंदोली आदि कई गांवों में पर्यटकों के ठहरने के लिए होम स्टे व होटल लॉज बनाए थे। लेकिन बुग्यालों में नाइट स्टे पर रोक लगने से कई होम स्टे बंद हो गए है। वहीं सुप्रीम कोर्ट ने 20 जुलाई 2026 के निर्देश में हाईकोर्ट के आदेश को निरस्त कर बुग्यालों में नाइट स्टे पर लगी रोक को हटाने के निर्देश जारी किया है। जिससे युवाओं में खुशी की लहर देखने को मिल रही है। साथ ही स्थानिय लोंगो में भी दोबारा से व्यवसाय में तेजी आने की उम्मीद जगी है।

वहीं ब्लॉक प्रमुख तेजपाल रावत, जिला पंचायत सदस्य उर्मिला बिष्ट, बलवीर राम, रूपकुंड पर्यटन विकास संघर्ष समिति के अध्यक्ष इंद्र सिंह राणा, ईको समिति वाण के अध्यक्ष त्रिलोक बिष्ट ने नाइट स्टे पर रोक हटने पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि बुग्यालों में नाइट स्टे पर लगी रोक हटने से पर्यटन व्यवसाय से जुड़े सैकड़ों नौजवानों, गाइड, पोर्टर और टूर ऑपरेटरों को रोजगार मिलेगा। नाइट स्टे शुरू होने से ट्रैकिंग गतिविधियों में तेजी आएगी, होटलों, लॉज और होम स्टे का व्यवसाय फिर शुरू होगा। वहीं दुकानदारों, टैक्सी ऑपरेटरों को भी रोजगार मिलेगा।

Aarti Rawat
Aarti Rawat