Happy 68th Birthday President Droupadi Murmu: भारत की वर्तमान और 15वीं प्रधान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का आज जन्म दिवस है। उनका जन्म 20 जून 1958 को उड़ीसा के मयूरभंज जिले के बैदापोसी गांव में हुआ था। उनके पिता का नाम वीरांची नारायण टुडु था। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू भारतीय जनता पार्टी की सदस्य भी रह चुकी हैं। वह पूर्व राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल के बाद भारत के राष्ट्रपति के रूप में सेवा देने वाली दूसरी महिला राष्ट्रपति है। इसके साथ ही प्रबुद्ध समिति के द्वारा द्रौपदी मुर्मू को प्रबुद्ध महिला सम्राट से भी अलंकृत किया गया है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के द्वारा राष्ट्रपति के पद को संभालने वाली उड़ीसा की दूसरी व्यक्ति है और देश की सबसे कम उम्र की राष्ट्रपति है। आपको बता दें कि राष्ट्रपति द्रौपदी भारत की आजादी के बाद पैदा होने वाली पहली राष्ट्रपति हैं। राष्ट्रपति बनने से पहले उन्होंने साल 2000 से साल 2004 के बीच उड़ीसा सरकार के मंत्रिमंडल में विभिन्न विभागों में सेवाएं दी साथी उन्होंने वर्ष 2015 से साल 2021 तक झारखंड के 9वें राज्यपाल के रूप में भी सेवाएं दी।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के दादा और उनके पिता दोनों ही अपने गांव के प्रधान रहे। उन्होंने श्याम चरण मुर्मू से शादी की उनके दो बेटे और एक बेटी थी। दुर्भाग्य वर्ष दोनों बेटों और उनके पति तीनों की अलग-अलग समय पर अकाल मृत्यु हुई उनके पुत्री शादीशुदा है और भुवनेश्वर में रहती हैं। द्रौपदी मुर्मू ने टीचर के तौर पर अपने करियर की शुरुआत की जिसके बाद धीरे-धीरे वह राजनीति में आई।
उन्होंने साल 1997 में राइरंगपुर नगर पंचायत के पार्षद चुनाव में जीत कर अपने राजनीतिक जीवन में कदम रखा। उन्होंने भाजपा के अनुसूचित जनजाति मोर्चा के उपाध्यक्ष के रूप में भी कार्य किया साथ ही वह भाजपा के आदिवासी मोर्चा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी कि सदस्य भी रही। साल 2000 और साल 2009 में वह उड़ीसा के मयूरभंज इलाके जिले के राइरंगपुर सीट से भाजपा के टिकट पर दो बार जीती और विधायक बनी। उड़ीसा में नवीन पटनायक के बीजू जनता दल और भाजपा गठबंधन की सरकार में द्रौपदी मुर्मू को साल 2004 और साल 2004 के बीच वाणिज्य परिवहन और बाद में मत्स्य और पशु संसाधन विभाग में मंत्री भी बनाया गया। साल 2015 में द्रौपदी मुर्मू झारखंड की 9वीं राज्यपाल बनी। उन्हें सैयद अहमद की जगह पर झारखंड की राज्यपाल बनाया गया था झारखंड उच्च न्यायालय के तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश रहे वीरेंद्र सिंह ने द्रौपदी मुर्मू को राज्य पद की शपथ दिलाई थी
