India-China trade Resumes : भारत चीन व्यापार से जुड़ी बड़ी खबर सामने आ रही है 6 साल बाद भारत और चीन के बीच सीमा पर दोबारा से व्यापार होने की उम्मीद जगी है लेकिन भारतीय कारोबारी की शुरुआत निराशा और अनिश्चित के बीच होने की भी संभावना है आगामी 1 अगस्त को व्यापारियों का पहला दल तिब्बत (चीन)स्थित तकलाकोट मंडी के लिए रवाना होगा, लेकिन उन्हें अपने साथ कोई भी व्यापारिक सामान ले जाने की अनुमति नहीं दी गई है ऐसे में कारोबारी में खाली हाथ ही सीमा पार करेंगे।
आपको बता दें कि वर्ष 2019 से लिपूलेक दर्रे के रास्ते होने बंद होने के कारण सीमा व्यापार बंद पड़ा हुआ था बीते महीने जून में सीमा व्यापार दोबारा शुरू होने की संभावना से व्यापारी उत्साहित थे जिसको देखते हुए उन्होंने व्यापार के लिए सम्मान भी तैयार कर लिया था जून में कई व्यापारी अपना सामान लेकर गंजी तक पहुंचे भी लेकिन चीनी प्रशासन के द्वारा सीमा पार करने की अनुमति नहीं दिए जाने के बाद उन्हें मजबूरन लाखों रुपए का समान वहीं पर छोड़कर धारचूला लौटना पड़ा।
1 अगस्त को पहला दल टकला कोर्ट मंडी के लिए होगा रवाना
अब चीनी प्रशासन के द्वारा टकला कोर्ट मंडी जाने की अनुमति पहले डाल को दी गई है इस दल में केवल वे व्यापारी शामिल है जिनका पिछली बार के व्यापार के दौरान का सामान अब भी टाकला कोर्ट मंडी के गोदाम में रखा हुआ है। भारत चीन सीमा व्यापार समिति ने बताया कि इस बार केवल उन्हीं व्यापारियों को व्यापार करने की अनुमति दी गई है जिनके समान पहले से गोदाम में रखा हुआ है इस बार व्यापारियों को केवल यात्रा की ही अनुमति दी गई है किसी भी व्यापारी को सामान ले जाने की अनुमति नहीं है।
आपको बता दें कि आगामी 1 अगस्त को व्यापारियों का पहला दल टकला कोर्ट मंडी के लिए रवाना होगा इस पहले दाल में व्यापारियों और उनके सहायकों को सहित भी लोग शामिल है। यह दल तकलाकोट मंडी पहुंच कर मंडी की व्यवस्थाओं, दुकानों की स्थिति और चीनी प्रशासन के रुख का आकलन करेगा। व्यापारियों की माने तो पहले दल की यात्रा और चीनी अधिकारियों से बातचीत ही यह स्पष्ट करेगी की नियमित बाजार कब और किस स्वरूप में शुरू होगा। भारत–चीन सीमा पर व्यापार के दो महत्वपूर्ण महीने बीत चुके हैं। अगर अगस्त के पहले हफ्ते के बाद अनुमति दी जाती है तो भारतीय व्यापारियों के पास कारोबार के लिए सीमित समय ही रह जाएगा।
