JSSC CGL परीक्षा रद्द करने से लगा अभ्यर्थियों को झटका, रद्द होने से हजारों अभ्यर्थियों की बढ़ी बेचैनी
झारखंड में JSSC CGL परीक्षा को लेकर सरकार के फैसले से उन अभ्यर्थियों की चिंता बढ़ गई है, जिन्होंने लंबी कानूनी लड़ाई और इंतजार के बाद परीक्षा में सफलता हासिल कर सरकारी नौकरी ज्वाइन की थी। हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में परीक्षा रद्द करने के फैसले के बाद इन कर्मचारियों के भविष्य पर सवाल खड़े हो गए हैं। इनमें कुछ ऐसे कर्मचारी भी हैं, जिन्होंने दूसरे राज्यों की नौकरी छोड़कर झारखंड में सेवा शुरू की थी। अब परीक्षा रद्द होने की खबर से कर्मचारियों में नाराजगी और असमंजस का माहौल है।
TDPL के जिम्मे JPSC की 10 परीक्षाएं
TDPL को JPSC की करीब 10 प्रमुख परीक्षाओं के आयोजन की जिम्मेदारी दी गई थी। इनमें सिविल सेवा PT व मुख्य परीक्षा, सिविल जज, APP, इंस्पेक्टर ऑफ फैक्ट्रीज, प्रोजेक्ट मैनेजर, बॉयलर इंस्पेक्टर और JET जैसी परीक्षाएं शामिल हैं।
JSSC की 5 परीक्षाएं भी TDPL के जिम्मे
TDPL को JSSC की भी पांच अहम परीक्षाओं का काम सौंपा गया था। इनमें JGGLCCE, तकनीकी/विशिष्ट स्नातक स्तरीय परीक्षा, फील्ड वर्कर, वनरक्षक और PGT शिक्षक भर्ती परीक्षा शामिल हैं।
30 दिसंबर 2025 को मिली थी नियुक्ति
JSSC CGL-2023 के सफल अभ्यर्थियों को 30 दिसंबर 2025 को रांची के मोरहाबादी मैदान में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने नियुक्ति पत्र दिए थे। इनमें 847 सहायक प्रशाखा पदाधिकारी, 288 कनीय सचिवालय सहायक, 170 श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी, 191 प्रखंड कल्याण पदाधिकारी और 249 प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी समेत अन्य पद शामिल थे।
नौकरी मिलने के बाद फिर बढ़ी चिंता
CGL परीक्षा 28 जनवरी और 4 फरवरी 2024 को हुई थी। लंबी प्रक्रिया और कानूनी विवाद के बाद चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति मिली और उन्होंने काम शुरू किया। अब परीक्षा रद्द होने के फैसले से उनके भविष्य पर फिर सवाल खड़े हो गए हैं।
कर्मचारियों ने सरकार से लगाई गुहार
कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री को लिखित आवेदन देकर परीक्षा रद्द नहीं करने की मांग की थी। फैसले के बाद नाराज कर्मचारी अब कानूनी कार्रवाई और आंदोलन की तैयारी में हैं।
