श्रावण संक्रांति पर खुले फ्यूंलानारायण मंदिर के कपाट, महिला पुजारी ने किया भगवान का श्रृंगार..

Phoolanarayan Temple doors opened : उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित प्राचीन फ्यूंलानारायण मंदिर के कपाट गुरुवार 16 जुलाई को श्रावण संक्रांति और हरेला पर्व के पावन अवसर पर वैदिक मंत्रोच्चार, धार्मिक अनुष्ठानों और पारंपरिक विधि-विधान के साथ श्रद्धालुओं के दर्शन के खोल दिए गए है। बता दे कपाट खुलने से पहले मंदिर को रंग-बिरंगे फूलों से भव्य रूप से सजाया गया। वहीं मंदिर के कपाट खुलते ही पूरा मंदिर परिसर ‘जय नारायण’ के जयकारों से गुंज उठा और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भगवान फ्यूंलानारायण के दर्शन कर सुख-समृद्धि की कामना की।

मंदिर की ये है अनोखी पंरपरा

फ्यूंलानारायण मंदिर चमोली जिले के जोशीमठ में स्थित लगभग 10,000 फीट की ऊंचाई पर मौजूद भगवान विष्णु का एक प्रसिद्ध और प्राचीन धाम है। यहाँ भगवान विष्णु चतुर्भुज स्वरूप में माता लक्ष्मी के साथ विराजमान हैं। इसके अलावा मंदिर परिसर में क्षेत्रपाल घंटाकर्ण और नंदा-सुनंदा देवियों की भी पूजा की जाती है।

मंदिर की अनूठी परंपरा के अनुसार भगवान के श्रृंगार का विशेष अधिकार केवल महिला पुजारी को ही प्राप्त है, जिसे इस वर्ष भी श्रद्धा और विधि-विधान के साथ निभाया गया। परंपरा के अनुसार महिला पुजारी आनंदी देवी ने भगवान की प्रतिमा का फूलों से आकर्षक श्रृंगार किया।फ्यूंलानारायण मंदिर के कपाट हर वर्ष श्रावण संक्रांति को खोले जाते हैं और नंदा अष्टमी के अगले दिन नवमी तिथि को शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाते हैं।
मंदिर की सबसे अनोखी परंपरा है कि ग्रामीण बारी व्यवस्था के तहत हर साल एक परिवार को मंदिर की पूजा-अर्चना की जिम्मेदारी सौंपी जाती हैं जिसमें भरकी, भेंटा, पिलखी, ग्वाणा और अरोसी गांव शामिल है। वहीं इस वर्ष भगवान नारायण के पुजारी के रूप में आशीष पंवार तथा महिला पुजारी के रूप में आनंदी देवी को यह दायित्व मिला है।

Srishti
Srishti