Uttarakhand to Get White Tigers, Approval Received from CZA : उत्तराखंड में वन्यजीव पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ी खबर सामने आ रही है।उत्तराखंड में पहली बार पर्यटक (व्हाइट) सफेद टाइगर का दीदार कर सकेंगे। वन विभाग के अधिकारियों की सालों से लगातार की जा रही कोशिश के बाद सेंट्रल जू अथॉरिटी ने उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में चिड़ियाघर के लिए दो सफेद बाघों को लाने की अनुमति दे दी है।
जो की उत्तराखंड वाइल्डलाइफ से जुड़े अधिकारियों और चिड़ियाघर से जुड़े अफसरों के लिए एक बड़ी कामयाबी है, बता दे उत्तराखंड में अब तक एक भी व्हाइट टाइगर उपलब्ध नहीं था, और अब इस तरह पहली बार राज्य को पहला सफेद बाघ मिल रहा है। केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण की तरफ से दो अलग-अलग जगहों से सफेद बाघ लाने की अनुमति मिली है। पहला बाघ ग्वालियर (मध्य प्रदेश) से और दूसरा नर सफेद बाघ ओडिशा के नंदनकानन चिड़ियाघर से लाया जाएगा। जिसके लिए देहरादून चिड़ियाघर प्रशासन ने इन दुर्लभ सफेद बाघों की सुरक्षा और सुविधा के लिए एक विशेष बाड़ा (Special Enclosure) तैयार करने पर काम शुरू कर दिया है।
सफेद बाघों के आने से पर्यटकों की संख्या में होगी बढ़ोतरी
बता दे ओडिशा के नंदनकानन से बाघ लाने के लिए वन्यजीव विनिमय (एनिमल एक्सचेंज) समझौते के तहत देहरादून जू से एक ‘हिमालयन घोरल’ का जोड़ा और नैनीताल जू से ‘रेड पांडा’ का जोड़ा ओडिशा भेजा जाएगा।
देहरादून चिड़ियाघर में वर्तमान में बड़े शिकारी जानवरों में दो बंगाल टाइगर, दो तेंदुए और एक बचाया हुआ भालू मौजूद हैं। CZA से अनुमति मिलने तक भालू को फिलहाल प्रदर्शन के लिए नहीं रखा गया है। चिड़ियाघर ने अब सफेद बाघों के लिए एक विशेष बाड़ा बनाने का काम शुरू कर दिया है।
देहरादून चिड़ियाघर में पहले से मौजूद दो रॉयल बंगाल टाइगर (D2 और D5) को देखने के लिए पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ती रही है, जिससे चिड़ियाघर को रिकॉर्ड राजस्व मिला है। प्रशासन की उम्मीद है कि इन दो नए सफेद बाघों के आने से पर्यटकों की संख्या में कई गुना बढ़ोतरी होगी। सफेद बाघ का इंतजार अब लगभग खत्म हो चुका है और उत्तराखंड के पर्यटक जल्द ही इस दुर्लभ और खूबसूरत प्रजाति को करीब से देख सकेंगे।
