Uttarakhand High Court provided relief to Asst. Professor : उत्तराखंड राज्य में अनुबंध पर कार्यरत सहायक असिस्टेंट प्रोफेसर को उत्तराखंड उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार गुप्ता और न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय ने राहत दी है।
हाई कोर्ट ने दिया आदेश
बताया जा रहा है कि हाई कोर्ट ने सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन को आदेश दिया कि वह याचिका करता प्राध्यापक को किसी अन्य अनुबंध शिक्षक से प्रतिस्थापित ना करें।कोर्ट ने स्पष्ट बताया कि जब तक याचिकाकर्ताओ के खिलाफ कोई प्रतिकूल तर्क ना हो, उन्हें उनके पद से न हटाया जाए। यह मामला डॉक्टर अंजली सिंह और 11 अन्य संविदा शिक्षकों द्वारा दायर एक रिट याचिका से जुड़ा है ।
याचिकाकर्ताओं के वकील ने अदालत को बताया कि शिक्षक शैक्षणिक सत्र 2024- 25 से स्वीकृत पदों पर अल्पकालिक अनुबंध के आधार पर सहायक प्राध्यापक के रूप में कार्यरत है उनके कार्यकाल का नवीनीकरण भी किया गया था।
आपको बता दे विश्वविद्यालय ने हाल ही में फिर से अल्पकालिक आधार पर नई शिक्षकों की नियुक्ति के लिए एक नया विज्ञापन जारी कर दिया है। याचिकाकर्ताओं का तर्क था कि तय कानूनी सिद्धांतों के हिसाब से एक अनुबंध कर्मचारियों को दूसरे अनुबंध कर्मचारियों से बदला नहीं जा सकता है।
इसके अलावा 25 अप्रैल 2025 को मुख्य सचिव द्वारा जारी आदेश में भी संविदा नियुक्तियों पर रोक लगाते हुए नियमित भर्ती प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके चलते अदालत में इस मामले में राज्य सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन को चार सप्ताह के भीतर अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है साथ ही मामले की सुनवाई 27 जुलाई से शुरू होने वाले सप्ताह में तय होने की खबर बताई जा रही है।
