162 dead, 400 missing in flash floods: नेपाल में अचानक आई विनाशकारी बाढ़ ने भारी तबाही मचा दी है। इस आपदा में अब तक 162 लोगों की मौत की खबर है, जबकि विदेशी नागरिकों समेत करीब 400 लोग लापता बताए जा रहे हैं। बाढ़ ने कई इलाकों में घरों, सड़कों और पुलों को बुरी तरह नुकसान पहुंचाया है। राहत और बचाव दल लगातार प्रभावित क्षेत्रों में लोगों की तलाश में जुटे हुए हैं।
अचानक बढ़ा नदी का जलस्तर
बताया जा रहा है कि तिब्बत सीमा के पास नदी में अचानक भारी मात्रा में पानी और मलबा आने के बाद हालात तेजी से बिगड़ गए। बाढ़ इतनी तेज थी कि कई लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने का मौका तक नहीं मिला। शुरुआती जांच में हिमालयी क्षेत्र में बर्फ और चट्टानों के खिसकने जैसी घटनाओं को बाढ़ की संभावित वजह माना जा रहा है, हालांकि अधिकारी पूरे घटनाक्रम की जांच कर रहे हैं।
विदेशियों समेत सैकड़ों लोग लापता
इस त्रासदी में स्थानीय लोगों के साथ-साथ बड़ी संख्या में पर्यटक और विदेशी नागरिक भी प्रभावित हुए हैं। लापता लोगों में कई ऐसे यात्री शामिल हैं, जो नेपाल के रास्ते तिब्बत और कैलाश मानसरोवर क्षेत्र की यात्रा पर थे। भारत समेत कई देशों ने अपने नागरिकों की जानकारी जुटाने के लिए नेपाल सरकार और स्थानीय प्रशासन से संपर्क किया है।
सड़कें-पुल बहने से बचाव अभियान मुश्किल
बाढ़ के कारण कई सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त या बह गए हैं, जिससे राहत एवं बचाव कार्य में भारी दिक्कतें आ रही हैं। नेपाल सेना, पुलिस और बचाव एजेंसियां हेलीकॉप्टर, ड्रोन और अन्य संसाधनों की मदद से लापता लोगों को खोज रही हैं। खराब मौसम और दुर्गम पहाड़ी इलाका बचावकर्मियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती बना हुआ है।
सीमा पार तिब्बत क्षेत्र में भी असर
नेपाल के साथ चीन के तिब्बत क्षेत्र में भी इस प्राकृतिक आपदा का असर देखा गया है। वहां भी बाढ़ और मलबे से जान-माल के नुकसान की खबरें हैं। सीमा क्षेत्र में व्यापार मार्ग और अन्य बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचने से हालात और गंभीर हो गए हैं।
राहत कार्य जारी, आंकड़े बढ़ने की आशंका
नेपाल सरकार ने प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि जैसे-जैसे बचाव दल दूरदराज के क्षेत्रों तक पहुंचेंगे, मृतकों और लापता लोगों के आंकड़ों में बदलाव हो सकता है। फिलहाल प्रशासन की सबसे बड़ी प्राथमिकता फंसे हुए लोगों को सुरक्षित निकालना, लापता लोगों की तलाश करना और प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाना है।
